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मध्यप्रदेश में ‘ममता पर संकट’! पहले जबलपुर अब सिंगरौली, अस्पताल के गेट पर प्रसव से बच्चे की मौत

सिंगरौली के चितरंगी में स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां अस्पताल के गेट पर ही महिला का प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई. मंत्री राधा सिंह के क्षेत्र की इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है. प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

Newborn dies after woman gives birth at hospital gate in Singrauli MP System failure in Minister's area

Singrauli Hospital Delivery Case: सरकारी अस्पतालों से आने वाली तस्वीरें आजकल दिल को सुकून देने के बजाय रूह कंपा देने वाली साबित हो रही हैं. अभी मध्यप्रदेश के जबलपुर के जख्म भरे भी नहीं थे कि सिंगरौली जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने इंसानियत और सरकारी सिस्टम दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक मां अपनी कोख में पल रहे सपने को लेकर अस्पताल की चौखट तक तो पहुंची, लेकिन उसे भीतर जाने का रास्ता नहीं मिला. नतीजा ये हुआ कि अस्पताल के गेट पर ही उसने बच्चे को जन्म दिया और इलाज न मिलने की वजह से उस मासूम ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया.

मंत्री के अपने इलाके में सिस्टम फेल

ये पूरी घटना प्रदेश की आदिवासी ग्रामीण पंचायत विकास मंत्री राधा सिंह के अपने विधानसभा क्षेत्र चितरंगी की है. मामला उप स्वास्थ्य केन्द्र लमसरई का है, जहां एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती हुई पहुंची थी. परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर और नर्स संभाल लेंगे, लेकिन अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई दूसरा स्टाफ.

दर्द से कराहती महिला गेट पर ही पड़ी रही और आखिरकार वहीं प्रसव हो गया. बिना किसी डॉक्टरी मदद और इलाज के अभाव में उस नवजात की मौके पर ही मौत हो गई. एक तरफ सरकार ‘जननी सुरक्षा’ और ‘मातृ वंदन’ जैसी योजनाओं का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ मंत्री के अपने इलाके में एक मां को गेट पर बच्चे को जन्म देना पड़ रहा है.

बीएमओ का तर्क: ‘डॉक्टर ही नहीं हैं’

इस दर्दनाक हादसे ने जब तूल पकड़ा, तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद खुली. बीएमओ हरिशंकर सिंह बैस ने फोन पर जो सफाई दी, वह और भी डराने वाली है. उनका कहना है कि लमसरई के इस उप स्वास्थ्य केन्द्र में फिलहाल किसी भी डॉक्टर की तैनाती ही नहीं है. स्टाफ की कमी का रोना रोते हुए उन्होंने अपनी जिम्मेदारी तो कम करने की कोशिश की, लेकिन सवाल वही खड़ा है कि अगर डॉक्टर नहीं हैं, तो अस्पताल के ताले किस भरोसे खुले हैं?

सिंगरौली से भोपाल तक मचा हड़कंप

इस घटना की गूंज अब सिंगरौली की पहाड़ियों से निकलकर भोपाल के गलियारों तक पहुंच गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग की घोर नाकामी बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है. सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर हैं और गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है.

जांच का आदेश

मामला बढ़ता देख कलेक्टर गौरव बैनल ने जांच के आदेश दे दिए हैं. जानकारी के अनुसार, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. अपर कलेक्टर एसपी त्रिपाठी ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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