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‘लालटेन’ बुझी, ‘कमल’ खिला! RJD छोड़ बीजेपी का दामन थामेंगे लालू के करीबी नेता

Mrityunjay Tiwari: राजद के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी पार्टी छोड़ने के बाद बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. जानिए इस्तीफे की वजह, तेजस्वी यादव पर लगाए आरोप और बिहार की राजनीति पर इसका असर.

Mrityunjay Tiwari join bjp

Mrityunjay Tiwari joins BJP: बिहार की राजनीति में आज एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं. हाल ही में उन्होंने राजद से इस्तीफा दिया था और इसके पीछे पार्टी में लगातार हो रही उपेक्षा और सम्मान की कमी को मुख्य वजह बताया था. ऐसे में उनका बीजेपी में जाना सिर्फ एक दल बदल नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

लंबे समय तक रहे राजद की आवाज

मृत्युंजय तिवारी कई वर्षों तक राजद के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाते रहे. टीवी डिबेट से लेकर मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखने तक, उन्होंने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने अपने इस्तीफे के समय याद दिलाया था कि साल 2014 में जब राजद राजनीतिक रूप से मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी थी.

तिवारी का कहना है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि पार्टी के प्रति अपने दायित्व के रूप में निभाया. उनका दावा है कि उन्होंने हर मंच पर राजद की विचारधारा और नीतियों को मजबूती से जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया और पार्टी के हितों की रक्षा की.

मुश्किल समय में भी नहीं छोड़ा साथ

अपने बयान में मृत्युंजय तिवारी ने यह भी कहा कि साल 2022 में जब राजद संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही थी और कई विधायक पार्टी से अलग हो गए थे, तब भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ पार्टी का पक्ष रखा. उनके मुताबिक, संकट के दौर में भी उन्होंने संगठन का साथ नहीं छोड़ा और लगातार सक्रिय बने रहे.

हालांकि उनका कहना है कि पिछले सात से आठ महीनों के दौरान परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा. उनका मानना है कि एक लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे.


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तेजस्वी यादव तक पहुंचाई थी बात

मृत्युंजय तिवारी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी नाराजगी और शिकायतों को पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा था. इतना ही नहीं, उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी पूरे मामले से अवगत कराया. लेकिन उनके अनुसार, शिकायतों पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया और स्थिति पहले जैसी ही बनी रही.

-भारत एक्सप्रेस



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