Mumbai Mayor race: मुंबई में बीएमसी चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर सियासत गरमा गई है. बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव (BMC election) में जीत के बाद महायुति गठबंधन के भीतर रसाकशी बढ़ती नजर आ रही है. गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका निभा रही बीजेपी है, जबकि किंगमेकर के रूप में शिवसेना (शिंदे गुट) दिखाई दे रही है. दोनों ही दल बीएमसी की सत्ता पर अपना-अपना मेयर बनाना चाहते हैं.
इस बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी अहम भूमिका में नजर आ रही है. पार्टी सांसद सजय राउत (Sanjay Raut) ने दावा किया है कि मुंबई का मेयर कौन बनेगा, इसका फैसला वही करेंगे और किसी भी कीमत पर एकनाथ शिंदे गुट का मेयर मुंबई में नहीं बनने दिया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, राउत ने आरोप लगाया है कि एकनाथ शिंदे को बीजेपी का डर सता रहा है, इसी वजह से उन्होंने अपने नगरसेवकों को होटलों में ठहरा रखा है. उनका कहना है कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है और आने वाले दिनों में मुंबई की राजनीति में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं.
उद्धव की सेना तोड़ बनेगा BJP का मेयर?
बीएमसी चुनाव में हॉस ट्रेडिंग के डर से पहले ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने अपने नवनिर्वाचित 29 पार्षदों को 5 स्टार होटलों में शिफ्ट कर दिया है. वहीं, उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 65 में से 15 नवनिर्वाचित पार्षद फिलहाल संपर्क से बाहर हैं, जिसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं.
बीएमसी चुनाव परिणामों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. 227 सीटों में से भाजपा को 89 सीटें मिली हैं. यदी उद्धव गुट के 15 पार्षद बीजेपी में शामिल होते हैं, तो बीजेपी का आंकड़ा 104 तक पहुंच जाएगा. जिससे शिंदे गुट के 29 पार्षदों के सामने उसकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी.
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इस बीच मुंबई बीजेपी ने भी अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों तक मुंबई से बाहर न जाएं. किसी आपात स्थिति में बाहर जाना हो, तो पहले पार्टी नेतृत्व को सूचना देना अनिवार्य होगा. यह आदेश मेयर चुनाव को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है.
बीएमसी में आंकड़े क्या कहता हैं?
बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना) ने कुल 118 सीटें जीती हैं. जबकि मेयर पद के लिए 114 पार्षदों की जरुरत है. महायुति के पास बहुमत से सिर्फ 4 सीटें ज्यादा हैं. इसी वजह से बीजेपी मेयर चुनाव तक सभी पार्षदों को मुंबई में ही रखना चाहती है. वहीं, उद्धव ठाकरे गुट को 65 सीटें मिली हैं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को सिर्फ 6 सीटों पर जीत मिली है.
-भारत एक्सप्रेस
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