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लाल गलियारे में ‘सफेद झंडा’! मुंगेर में 3-3 लाख के इनामी नक्सलियों ने DGP के सामने डाले हथियार

Munger News: मुंगेर में तीन इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वालों में 3-3 लाख रुपये के इनामी नक्सली नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सली शामिल हैं. इन नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस के सामने सरेंडर किया है.

Munger News

रिपोर्ट- सुमित कुमार (मुंगेर)


Munger News: बिहार सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है. मुंगेर में बिहार के डीजीपी विनय कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर कुंदन कृष्णन के सामने तीन इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. आत्मसमर्पण करने वालों में 3-3 लाख रुपये के इनामी नक्सली नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सली शामिल हैं. इन नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस के सामने सरेंडर किया है.

पुलिस अधिकारियों ने नक्सलियों के परिवारों को सम्मानित भी किया. आत्मसमर्पण करने के बाद बिहार सरकार और मुंगेर जिला प्रशासन की तरफ से इन नक्सलियों और उनके परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा.

सरकार की नीतियों से प्रभावित हुए नक्सली

आज मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित खड़गपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरएसके कॉलेज परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. जहां सरकार की आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर तथा सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और जनसहयोग के कारण 3 नक्सलियों ने सशस्त्र आत्मसमर्पण किया. कार्यक्रम में बिहार के डीजीपी विनय कुमार, एडीजी हेडक्वार्टर सह लॉ एंड ऑर्डर कुंदन कृष्णन, एसटीएफ एसपी संजय सिंह सहित कई वरीय पुलिस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

भारी हथियारों के साथ सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वालों में 23 नक्सली कांडों में फरार जोनल कमांडर नारायण कोड़ा, 24 नक्सली कांडों में फरार जोनल कमांडर बहादुर कोड़ा तथा 3 नक्सली कांडों में फरार दस्ता सदस्य बिनोद कोड़ा शामिल हैं. इस मौके पर पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली रावण कोड़ा और भोला कोड़ा के परिजन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. नक्सलियों ने अपने साथ दो इंसास राइफल, चार एसएलआर राइफल, करीब 500 चक्र कारतूस और 10 वॉकी-टॉकी पुलिस के सामने जमा किए.

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की जो समस्या थी भारत में, उसमें प्रत्येक राज्य ने काफी तेजी से उपलब्धियां हासिल की हैं. जिन इलाकों में वामपंथी उग्रवाद की काफी गंभीर समस्या थी, उन इलाकों में काफी सारे इलाके से उग्रवाद समाप्त हुए हैं.

बिहार में तेजी से खत्म हो रहा नक्सल

डीजीपी ने कहा कि ​बिहार पहला राज्य है जहां पर बड़ी तेजी से नक्सलवाद खत्म हुआ. बिहार में 2005 के बाद से ही पटना, जहानाबाद, अरवल वगैरह जिला पूरी तरीके से नक्सल मुक्त हो गए. धीरे-धीरे हम लोगों ने जो 23 जिले हमारे अति उग्रवाद प्रभावित थे, वो शून्य हो गए. अभी 4 जिले मात्र हैं, जो ‘लीगेसी एंड थ्रस्ट’ डिस्ट्रिक्ट हैं. मतलब वो उग्रवाद प्रभावित नहीं है, लेकिन हम लोग वॉचफुल रख रहे हैं.

उग्रवाद इलाकों में विकास की बयार

उन्होंने आगे कहा कि जो उग्रवाद प्रभावित इलाके थे, उनमें विकास की परियोजनाओं का इतना विकास हुआ है कि नक्सलवाद खत्म हो गया. वहां पर आप अभी जाएंगे, तो वहां एक से एक विकास की परियोजनाएं हैं. वहां सड़क, एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे वगैरह की स्थापना हुई है. स्किल डेवलपमेंट किया गया है, स्कूल-कॉलेज स्थापित हुए हैं. ​तो विकास की परियोजनाओं को इस प्रकार से वहां पर लाया गया है कि वहां के जो युवा वर्ग हैं, जो उग्रवाद की ओर उन्मुख हो गए थे, वे मुख्यधारा में आ गए हैं. पंचायती राज संस्थाओं से युवा जुड़े हैं और क्षेत्र के विकास में काफी रुचि ले रहे हैं.

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डीजीपी विनय कुमार ने कहा

“भीमबांध का जो क्षेत्र था, जो आपका मुंगेर का खड़गपुर हिल्स का क्षेत्र था, वह वहां पर आपने सुना ही होगा कि 2007 में यहां पर पूरी केंद्रीय कमेटी आई थी और इनका कांग्रेस (अधिवेशन) हुआ था. तो यह इलाका भी काफी प्रभावित था, यहां पर कई गंभीर घटनाएं भी हुई थीं. ​तो यह इलाका भी अब पूर्ण रूप से कहें कि एकदम ही नगण्य एक-दो लोग बच गए हैं और सभी जो सक्रिय सदस्य थे उग्रवाद संगठन के, उन सभी या तो गिरफ्तार हुए हैं, आत्मसमर्पण हुए हैं और पूरा इलाका यह क्लियर हो चुका है. अब क्लियर होने के बाद हमारा सबसे बड़ा यह उद्देश्य है कि उस इलाके को विकसित कराया जाए.”

विनय कुमार ने कहा कि ​विभिन्न प्रकार की योजनाओं से, पर्यटन की योजनाएं हों, विकास की योजनाएं हों, इनसे उस इलाके को इस प्रकार से सैचुरेट किया जाए कि वहां के लोग समझें कि सरकार की जबरदस्त वहां उपस्थिति है, प्रशासन की जबरदस्त उपस्थिति है. किसी प्रकार की शून्यता नहीं है, कोई वैक्यूम नहीं है.​ आज की तिथि में इतनी योजनाएं हैं, इतनी सारी योजनाएं हैं, तो उन योजनाओं को सफलतापूर्वक वहां पर कार्यान्वित किया जाएगा और इलाके को पूरी तरीके से विकास से जोड़ा जाएगा. काफी वहां पर चंद वर्षों में ही आपको दिखेगा कि पूरा खड़गपुर इलाका जो है, वह पर्यटन और हर दृष्टिकोण से काफी विकसित होगा.

सबको मुख्य धारा में आना चाहिये- सम्राट चौधरी

वहीं बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सबको मुख्य धारा में आना चाहिए. बिहार के विकास में एक-एक व्यक्ति की ज़रूरत है और हमारा जो पैकेज है, उनको सहयोग भी किया गया. डीजीपी साहब और डीजी लॉ एंड ऑर्डर, सभी आए थे. सब लोगों ने आत्मसमर्पण करवाया और जो लोग मुख्य धारा में आए हैं, उनकी सरकार चिंता करेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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