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यूपी के मुजफ्फरनगर के स्कूल में मुस्लिम बच्चे को पिटवाने की घटना शर्मनाक, आरोपियों पर की जाए कड़ी कार्रवाई- मर्कज़ी तालीमी बोर्ड

Muzaffarnagar Teacher News: यूपी के मुजफ्फरनगर जिले से 25 अगस्त को सोशल मीडिया में 38 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ. उस वीडियो में कुर्सी पर एक टीचर बैठी हुई नजर आई. उसके बराबर में ही कुछ बच्चे जमीन पर बैठे थे. टीचर के कहने पर बच्चे बारी-बारी से दूसरे बच्चे को थप्पड़ मारते दिखे. ये घटना सुर्खियों में है.

वीडियो में तृप्ति त्यागी के सामने एक बच्चे को थप्पड़ मारते अन्य बच्चे.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Muzaffarnagar School Incident:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का नेहा पब्लिक स्कूल इन दिनों देशभर में चर्चा में है. वहां पर UKG के एक बच्‍चे को स्कूल की प्रिंसिपल तृप्ति त्यागी ने दूसरे बच्‍चे से पिटवाकर उसे सजा दिलाई, जिसका वीडियो वायरल हो गया. पिटने वाला बच्‍चा मुस्लिम समुदाय से था, मुस्लिमों का आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल तृप्ति त्यागी ने मजहबी टिप्‍पणी करते हुए मासूम को पिटवाया. इस घटना का सोशल मीडिया पर पुरजोर तरीके से विरोध किया गया. सियासी पार्टियों के नेताओं की बयानबाजी शुरू हो गई. दिल्ली के मर्कज़ी तालीमी बोर्ड (एमटीबी) की ओर से भी मुजफ्फरनगर की घटना को शर्मनाक करार दिया गया है.

मर्कज़ी तालीमी बोर्ड (एमटीबी) के अध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने प्रशासनिक अधिकारियों से उक्‍त स्कूल और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खुब्बापुर में स्कूल में मुस्लिम बच्चे को पिटवाने की घटना पर कहा, ”हम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में बच्चे को थप्पड़ मारने की घटना से बेहद चिंतित हैं और इसकी निंदा करते हैं.”

प्रोफेसर सलीम ने कहा, ”सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो और मीडिया रिपोर्टों को देखकर ऐसा लगता है कि खुब्बापुर में स्कूल में जानबूझकर मुस्लिम बच्‍चे को अन्‍य छात्रों से बारी-बारी से थप्‍पड़ मरवाए गए. महिला प्रिंसिपल द्वारा मुस्लिम छात्रों के खिलाफ नफरती टिप्पणियां भी की गईं.” सलीम ने कहा कि हम इस घटना से बहुत चिंतित हैं, जहां मुस्लिम बच्‍चों के साथ इस तरह का सलूक की धमकी दी जा रही है. जो बच्‍चा पीटा गया, उसके पिता पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो स्कूल की शिक्षका के खिलाफ पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज न कराए”.

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प्रोफ़ेसर सलीम ने कहा, “मर्कज़ी तालीमी बोर्ड (एमटीबी) उक्‍त स्कूल और शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता है. एनसीपीसीआर को जांच शुरू करनी चाहिए और अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक करना चाहिए. बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया है.” प्रोफ़ेसर सलीम ने दावा किया कि देश में स्कूलों और कॉलेज परिसरों में तेजी से इस्लामोफोबिया फैल रहा है. सरकार इसे एक सामाजिक बुराई प्रमाणित करे और इसके खतरे को खत्म करने के लिए उचित क़ानूनी मसौदा तैयार करके आधिकारिक तौर पर क़दम उठाए.”

— भारत एक्सप्रेस



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