Khesari Lal Yadav Program Violence: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गरहा थाना क्षेत्र में आयोजित विशाल पशु मेले में बुधवार की रात रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई. भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम के दौरान उमड़ी करीब डेढ़ लाख की भीड़ अनियंत्रित हो गई. हालात इतने बिगड़ गए कि उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मंच पर जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए. स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं.
मंच पर हूटिंग और जूता-चप्पल की बौछार (khesari lal yadav muzaffarpur controversy)
औराई के पूर्व भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रामसूरत राय द्वारा आयोजित इस मेले में खेसारी लाल मुख्य आकर्षण थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही खेसारी ने गाना शुरू किया, भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने मंच की ओर बढ़ने की कोशिश की. सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर वे उग्र हो गए और कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं. देखते ही देखते मंच पर जूते-चप्पल बरसने लगे, जिससे कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा.
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— Rajesh kumar ojha (@GoodMorningNe14) April 2, 2026
आयोजकों की भारी लापरवाही (muzaffarpur Khesari Lal Yadav brawl)
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए मेला प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने बताया कि आयोजकों ने केवल 30 से 40 हजार लोगों के आने की संभावना जताई थी, जबकि मौके पर 1.5 लाख से अधिक लोग पहुंच गए. भीड़ के अनुपात में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे. उपद्रवियों को खदेड़ने के दौरान हुई झड़प में तीन पुलिस जवान जख्मी हुए हैं.
विवादों का केंद्र बना ‘अर्जुन बाबू पशु मेला’ (police lathicharge Khesari Lal Yadav show)
यह मेला पिछले कुछ दिनों से लगातार विवादों में है. दो दिन पहले ही इसी मेले के थिएटर स्टेज पर महिला डांसरों के बीच हुई मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था. खेसारी लाल के कार्यक्रम में हुए हंगामे के बाद एनएच-57 पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे सुचारू करने में पुलिस के पसीने छूट गए. पूर्व मंत्री रामसूरत राय ने खुद मंच पर आकर लोगों को शांत कराने की कोशिश की और उपद्रवियों को चेतावनी भी दी, लेकिन भीड़ टस से मस नहीं हुई.
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बड़े सितारों के कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन की विफलता एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है. मुजफ्फरपुर की यह घटना स्पष्ट करती है कि बिना पुख्ता सुरक्षा योजना के ऐसे आयोजनों की अनुमति देना जोखिम भरा हो सकता है. फिलहाल, पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है और घायलों का उपचार जारी है.
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