नवादा शहर का बेली शरीफ मोहल्ला अचानक मंगलवार को किसी अखाड़े जैसा नजर आने लगा. गाड़ी खड़ी करने की जगह की एक छोटी सी बात इतनी बड़ी बन गई कि देखते ही देखते दो गुटों के बीच लात-घूंसे चलने लगे. इस मामूली से पार्किंग विवाद ने इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया.
कैसे शुरू हुआ मामला?
घटना की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से हुई. बेली शरीफ इलाके में गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि बहस हाथापाई में तब्दील हो गई. आसपास के लोगों के मुताबिक, मामला इतना गरम हो गया कि न केवल मारपीट हुई, बल्कि गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई. इस झड़प में दोनों गुटों से एक-एक व्यक्ति घायल हो गया, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए ले जाया गया.
मारपीट की इस घटना के बाद मोहल्ले में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने घरों के अंदर दुबकने को मजबूर हो गए, क्योंकि मामला दो गुटों के बीच का था, जिससे किसी भी वक्त बड़ी हिंसा का अंदेशा बना हुआ था.
छावनी में बदला मोहल्ला
जैसे ही पुलिस को इस बवाल की खबर मिली, नवादा प्रशासन तुरंत हरकत में आया. सूचना मिलते ही एसडीपीओ हुलास कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर पंकज कुमार झा और नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए. पुलिस का रवैया इस बार काफी सख्त था. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे मोहल्ला एक पल के लिए पुलिस छावनी जैसा लगने लगा.
पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले दोनों पक्षों के लोगों को शांत कराया. एसडीपीओ हुलास कुमार ने स्थिति पर काबू पाने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला अब पूरी तरह नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करवा दिया गया है. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है और किसी भी तरह की कोई बड़ी झड़प की आशंका नहीं है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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