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गेमिंग और लोन के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा, नवादा पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

Bihar Cyber ​​Crime: नवादा जिले की पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लोन के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. वारिसलीगंज पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 29 एंड्रॉयड मोबाइल व नगदी बरामद की.

NAWADA ONLINE GAME THAGI

Bihar Cyber ​​Crime:अमन/नवादा: बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोन दिलाने और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों और फर्जी लोन के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर नेटवर्क पर कार्रवाई की है. एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज पुलिस ने रेलवे गुमटी, चकवाय और फतहा गांव में एक साथ छापेमारी कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से कुल 29 एंड्रॉयड स्मार्टफोन और ₹35,520 नगद जब्त किए हैं.

क्या है मामला?

बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है. पुलिस कप्तान (एसपी) अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर ठगों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया. वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर क्षेत्र के तीन अलग-अलग ठिकानों- रेलवे गुमटी, चकवाय और फतहा गांव में एक साथ छापेमारी की.

पुलिस द्वारा 3 गिरफ्तार (Nawada Cyber Fraud)

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई में गिरोह के तीन सदस्य रंगे हाथ पकड़े गए. रेलवे गुमटी के पास से एक आरोपी को 25 एंड्रॉयड मोबाइल के साथ दबोचा गया, जबकि चकवाय और फतहा गांव से एक-एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई. पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान कार्तिक रविदास (28 वर्ष) और साकेत कुमार (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि गिरोह में शामिल एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 29 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 35,520 रुपये नगद बरामद किए हैं.

पूछताछ में फर्जीवाड़े के बड़े खेल का खुलासा (Online Gaming Scam)

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में फर्जीवाड़े के बड़े खेल का खुलासा हुआ है. यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों और सस्ता लोन दिलाने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. आरोपी खुद को बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का बैंक अधिकारी बताकर ग्राहकों से बातचीत करते थे. इसके बाद प्रोसेसिंग फीस और दस्तावेजों के नाम पर लोगों के व्यक्तिगत दस्तावेज और बैंक पासबुक हासिल कर उनके खातों से पैसे उड़ा लेते थे. पुलिस फिलहाल आरोपियों के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि गिरोह के अन्य तार और अंतरराज्यीय कनेक्शन का पता लगाया जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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