राजधानी को हरा-भरा और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में आज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने सरदार पटेल मार्ग पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया. यह पहल माननीय प्रधानमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुई और दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित की गई. इसकी जानकारी NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने दी.
माननीय उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने आशा और जीवटता का प्रतीक अमलतास (Cassia fistula) का पौधा रोपित किया. उनके साथ NDMC के अध्यक्ष केशव चंद्र और नई दिल्ली की सांसद सुश्री बंसुरी स्वराज ने संयुक्त रूप से प्राइड ऑफ इंडिया (Lagerstroemia speciosa) का पौधा लगाया. वहीं NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने गुलमोहर (Delonix regia) का पौधा लगाकर राजधानी को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया.
वायु प्रदूषण में कमी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की पहल
इस अवसर पर चहल ने NDMC की विशेष “गैप फिलिंग कैंपेन” के बारे में विस्तार से बताया, जो 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई है. इसके तहत NDMC क्षेत्र की 80 प्रमुख सड़कों, चौराहों और राउंडअबाउट्स पर हरियाली को लगातार बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है. पहले जहां केवल चुनिंदा क्षेत्रों में वृक्षारोपण होता था, वहीं इस बार यह अभियान बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, ताकि हर खाली या बंजर हिस्से को हरे पौधों से आच्छादित किया जा सके.
चहल ने बताया कि NDMC के उद्यान विभाग द्वारा इस अभियान की सघन निगरानी की जा रही है, जिससे न केवल क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि पीएम10, पीएम2.5 और पीएम1 जैसे शहरी प्रदूषकों में भी कमी आएगी, जिससे वायु गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य में सुधार होगा.
स्वच्छ, सुंदर और जलवायु के प्रति सहनशील राजधानी का लक्ष्य
चहल ने यह भी साझा किया कि माननीय उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने भी सरदार पटेल मार्ग पर 12,000 से अधिक फूलों वाले पेड़ और झाड़ियों का वृक्षारोपण शुरू किया है. इनमें अमलतास, क्वीन क्रेप मर्टल, रोज़ी ट्रम्पेट ट्री और बूगनविलिया जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं. विशेष बात यह है कि इन जगहों पर बड़े पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे मानसून के दौरान तुरंत हरियाली दिख सके.
यह पहल NDMC की व्यापक पर्यावरणीय दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है. NDMC का उद्देश्य हरित अवसंरचना के माध्यम से राजधानी को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु के प्रति सहनशील बनाना है. NDMC राजधानी को सुंदर, स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए हरित कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रहा है और नागरिकों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रहा है.
ये भी पढ़ें: मिजोरम को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक परियोजना तैयार, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



