राजस्थान में हरियाली का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है. आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को टोंक ज़िले के टोडारायसिंह में एक ही दिन में 60 हज़ार पौधे लगाकर लोगों ने भविष्य की पीढ़ियों को हरा-भरा तोहफ़ा दिया. यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उस बड़े विज़न का हिस्सा है जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के लिए तय किया है. उनका स्पष्ट संकल्प है – “पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाकर राजस्थान को हराभरा बनाएंगे.”
संस्कृति और प्रकृति का संगम
मुख्यमंत्री ने मंच से याद दिलाया कि भारतीय परंपरा में प्रकृति पूजा का गहरा स्थान है. पेड़, पहाड़ और जलस्रोत – यह सब हमारी संस्कृति की धरोहर हैं. टोडारायसिंह की धरती पर भोलेनाथ का मंदिर, बीसलपुर बाँध और हरियाली से लिपटी अरावली की पहाड़ियाँ इस भाव को और मजबूत करती हैं. इसी भावना से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को राजस्थान ने अपनाया और उसे ‘हरियालो राजस्थान’ के रूप में एक व्यापक जनआंदोलन में बदला.
हरियाली राजस्थान की बड़ी उपलब्धि
भजनलाल सरकार के नेतृत्व में हरियाली अभियान ने उम्मीद से कहीं ज्यादा नतीजे दिए हैं. पिछले साल लक्ष्य था 7 करोड़ पौधे, लेकिन लगाए गए साढ़े 7 करोड़. इस साल लक्ष्य था 10 करोड़, लेकिन लग चुके हैं 11 करोड़ से अधिक. अब तक कुल साढ़े 18 करोड़ पौधे धरती को जीवन देने के लिए रोपे जा चुके हैं.
अरावली पर्वतमाला को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई है, जिसके तहत 19 जिलों में 32 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण जारी है.
पानी और किसानों के लिए क्रांति
भजनलाल सरकार केवल हरियाली तक सीमित नहीं है. उनकी नज़र जल और कृषि पर भी उतनी ही मज़बूती से है. ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बाँध तक पानी लाने की पहल हो रही है. पूर्वी राजस्थान के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना और शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौते को आगे बढ़ाया गया है. पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के लिए माही बाँध को जवाई बाँध से जोड़ने की योजना पर भी काम हो रहा है. किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक 22 जिलों में यह सपना पूरा किया जा चुका है. पशुपालकों के लिए सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान ऋण उपलब्ध करवाना शुरू किया है.
युवाओं के साथ न्याय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पेपरलीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य बिगाड़ा. लेकिन भजनलाल सरकार ने कठोर कार्रवाई कर एसआईटी गठित की और दोषियों को जेल भेजा. नतीजा यह रहा कि पिछले डेढ़ साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ. आज भर्ती परीक्षाएँ समय पर हो रही हैं और सरकार ने पांच साल में 4 लाख नौकरियों का लक्ष्य तय किया है. भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को भरोसा दिया जा रहा है कि उनकी मेहनत सुरक्षित है.
टोंक में विकास की नई तस्वीर
भजनलाल सरकार के काम ज़मीन पर साफ़ दिखते हैं. नसीराबाद से देवली तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बनास नदी पर पुलिया निर्माण के लिए 147 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जा रही है. बीसलपुर परियोजना की नहरों के जीर्णोद्धार का काम 103 करोड़ रुपये से शुरू हो चुका है. पेयजल योजनाओं पर 92 करोड़ 15 लाख रुपये का खर्च किया जा रहा है. टोंक में सतत जलापूर्ति गुणात्मक संवर्धन के लिए 275 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे. देवल से नगर तक सड़क निर्माण पर 58 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे.
इन्हीं विकास कार्यों का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किया और सिंदूर का पौधा लगाकर हरियाली के संकल्प को साकार किया.
भजनलाल सरकार की छवि
इस मौके पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के “भागीरथ” बनकर जल संकट दूर करने में जुटे हैं. ऊर्जा राज्य मंत्री ने किसानों को दिन में बिजली देने की प्रतिबद्धता दोहराई.
भजनलाल सरकार की यही पहचान है – जनसेवा की नीयत, हर क्षेत्र में पारदर्शिता और धरातल पर नज़र आते विकास कार्य. डेढ़ साल में जो बदलाव आमजन ने देखा, वह पिछले पाँच साल में नहीं हुआ.
ये भी पढ़े: CM भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सांसद-विधायक संवाद से विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में मजबूत कदम
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




