CM भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प की दिशा में अग्रसर है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री निवास पर 25 और 26 अगस्त 2025 को दो दिन तक आयोजित सांसद-विधायक संवाद कार्यक्रम में राज्य सरकार और संगठन के बीच अभूतपूर्व समन्वय और जनसेवा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता देखने को मिली.
इस संवाद श्रृंखला में प्रदेशभर के विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से आए सांसदों, विधायकों, लोकसभा व विधानसभा प्रत्याशियों तथा भाजपा पदाधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, गांव-ढाणी तक विकास की पहुँच और संगठन के सक्रिय सहयोग पर विस्तृत चर्चा की.
मुख्यमंत्री का आह्वान है कि ‘अन्त्योदय हमारी नीतियों का केन्द्रबिन्दु है. राज्य का कोई भी क्षेत्र विकास से अछूता नहीं रहेगा. सरकार और संगठन मिलकर जनकल्याण के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं.’
किसानों और आमजन के लिए बिजली-पानी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी गुणवत्ता की सतत निगरानी में सहयोग दें. उन्होंने बिजली-पानी जैसी बुनियादी सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राम जलसेतु लिंक परियोजना पूर्वी राजस्थान की 3 करोड़ आबादी को पेयजल और 4 लाख हेक्टेयर में सिंचाई उपलब्ध कराएगी.
इसी तरह, जल जीवन मिशन और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान को गति देने पर भी चर्चा हुई. किसानों के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने और 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया गया.
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि ‘सरकार और संगठन हर वर्ग के कल्याण हेतु दृढ़संकल्पित हैं. जनसेवा के मार्ग पर यह तालमेल राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाएगा.’
सांसदों-विधायकों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव लाए हैं. संवाद के दौरान यह भी तय किया गया कि सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में विद्यालयों की मरम्मत और नए निर्माण कार्यों की सूची सरकार को भेजेंगे, ताकि शिक्षा क्षेत्र में भी तेजी से कार्य हो सके.
उपलब्धियां और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने 80 प्रतिशत बजटीय घोषणाओं को धरातल पर उतार दिया है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में 5 हजार गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सेवा पखवाड़ा (16 सितम्बर से 2 अक्टूबर) का आयोजन होगा. सांसद खेल महोत्सव (29 सितम्बर से 31 अक्टूबर) आयोजित किया जाएगा. पदयात्राएं (29 से 31 अक्टूबर) सरदार पटेल जयंती पर प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में निकाली जाएंगी.
संवाद का व्यापक स्वरूप
पहले दिन संवाद में कोटा, झालावाड़-बारां, टोंक-सवाई माधोपुर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र शामिल रहे. दूसरे दिन नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर-सिरोही, पाली, बीकानेर, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, चूरू और सीकर संसदीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद हुआ. दोनों दिनों के संवाद ने यह सिद्ध किया कि सरकार और संगठन की साझा प्रतिबद्धता ही विकसित राजस्थान 2047 की नींव बनेगी.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित सांसद-विधायक संवाद केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राज्य की भावी दिशा तय करने वाला संवाद साबित हुआ. लोककल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रभाव, संगठन का सक्रिय सहयोग और जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्ययोजना ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया. राजस्थान आज न केवल वर्तमान में सुशासन के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है, बल्कि विकसित भारत की यात्रा में विकसित राजस्थान का स्वप्न भी साकार कर रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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