NIA
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2022 के केरल PLGA माओवादी भर्ती मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) और उसकी सशस्त्र इकाई People’s Liberation Guerrilla Army (PLGA) में युवाओं की भर्ती से जुड़ा है, जिसका मकसद देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचना था.
NIA की विशेष अदालत, एर्नाकुलम में दाखिल की गई चार्जशीट में बी. जी. कृष्णमूर्ति और आर. राघवेंद्रन को नामजद किया गया है. इन दोनों पर UAPA की धारा 18, 18B, 20, 38, 39 और IPC की धारा 120B, 121A व 122 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
आरोपियों पर लगाए गए UAPA और IPC के तहत गंभीर आरोप
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि बी. जी. कृष्णमूर्ति, जो CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य है, ने पश्चिमी घाट के जंगलों में आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाए. उसने युवाओं को हथियारों का प्रशिक्षण और माओवादी विचारधारा का प्रचार कर उन्हें देश के खिलाफ हिंसा के लिए तैयार किया.
कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले का रहने वाला कृष्णमूर्ति ‘कबनी दलम दस्ते’ का हिस्सा था और उसकी भूमिका नई अंडरग्राउंड कैडर तैयार करने की थी. तमिलनाडु के वेल्लोर निवासी आर. राघवेंद्रन भी ऐसे ही एक आतंकी कैंप का हिस्सा था और जांच में उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई है.
NIA ने यह मामला फरवरी 2022 में स्वयं संज्ञान लेकर दर्ज किया था. यह दर्शाता है कि माओवादी नेटवर्क अब भी सक्रिय है और युवा वर्ग को गुमराह कर उन्हें आतंक की राह पर ले जाने की कोशिशें जारी हैं.
यह चार्जशीट केवल कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि उस विचारधारा के खिलाफ एक मजबूत संदेश है जो हिंसा और विद्रोह को बदलाव का माध्यम मानती है. NIA की कार्रवाई यह साफ करती है कि भारत अब ऐसी साजिशों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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-भारत एक्सप्रेस
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