आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने पाकिस्तान में पनाह लेकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकियों पर शिकंजा कसना और तेज कर दिया है. जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने पाकिस्तान में छिपकर रह रहे कुख्यात आतंकवादी नजीर हुसैन (उर्फ नजीर अहमद, अली खान, नासिर, नजीरू और शाहीन) को विधिवत ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offender/Absconder) घोषित कर दिया है.
अदालत का यह फैसला सीमा पार बैठकर भारतीय नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले कराने वाले आतंकी आकाओं के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
जानिए कौन है नजीर हुसैन?(Nazir Hussain)
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी नजीर हुसैन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए ‘नजीर अहमद’, ‘अली खान’, ‘नासिर’, ‘नजीरू’ और ‘शाहीन’ जैसे आधा दर्जन फर्जी नामों और पहचान का इस्तेमाल कर रहा था. वह लंबे समय से भारत से फरार होकर पाकिस्तान में बैठा है और वहीं से जम्मू-कश्मीर में दहशतगर्दी की नई-नई साजिशें रच रहा है.
पुंछ में बारूद की सप्लाई का मास्टरमाइंड
यह पूरा मामला (Case No. RC 07/2024/NIA/JMU) जम्मू-कश्मीर के संवेदनहीन और रणनीतिक रूप से अहम पुंछ जिले से जुड़ा हुआ है. एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, नजीर हुसैन सीमा पार से पुंछ के इलाकों में भारतीय सुरक्षा बलों और बेकसूर नागरिकों को निशाना बनाने के लिए भारी मात्रा में हथियार, हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री (Explosive Materials) की सप्लाई और फंडिंग संभाल रहा था.
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BNSS की धारा 84 के तहत कोर्ट का सख्त एक्शन
एनआईए की विशेष अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 (पुराणी CRPC की धारा 82) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए नजीर हुसैन को फरार घोषित किया है. इससे पहले कोर्ट ने उसके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrants) जारी किए थे, लेकिन जब वह पेश नहीं हुआ और पाकिस्तान की शरण में छुपा रहा, तो कोर्ट ने उसे औपचारिक रूप से ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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