वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 28 अगस्त से अमेरिका और कनाडा के दौरे पर रहेंगी फोटो क्रेडिट-AI@chatgpt
Nirmala Sitharaman US Canada Visit 2026: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 28 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक अमेरिका और कनाडा के 9 दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रवाना हो रही हैं. कहने को तो इस यात्रा का मकसद टोरंटो, शिकागो, एशविल और न्यूयॉर्क में ग्लोबल कंपनियों के CEOs और निवेशकों के साथ ‘गिफ्ट सिटी-IFSC’ में निवेश बढ़ाना और पहली ‘आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता’ (EFD) की सह-अध्यक्षता करना है. लेकिन पर्दे के पीछे दो ऐसे भयंकर अंतरराष्ट्रीय बवंडर उठ चुके हैं, जिन्होंने इस दौरे को बेहद संवेदनशील बना दिया है.
एक तरफ अमेरिका का 90 से 99 लाख रुपये वाला H-1B ‘वीजा बम’ है, तो दूसरी तरफ कनाडाई ज़मीन पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का वो सच, जिसने जस्टिन ट्रूडो के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं.
अमेरिका का वीजा वाला बम(Nirmala Sitharaman US Canada Visit)
वित्त मंत्री के अमरीका पहुंचने से ठीक पहले ट्रंप प्रशासन के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,03,265 डॉलर करीब 90 से 99 लाख रुपये करने का नया प्रस्ताव लाकर खलबली मचा दी है. अमेरिका में 71% से अधिक H-1B वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स के पास हैं.
अगर यह नियम पक्का हुआ तो टीसीएस, इंफोसिस जैसी भारतीय आईटी दिग्गज कंपनियों की कमर टूट जाएगी. शिकागो और न्यूयॉर्क में अमेरिकी दिग्गजों के साथ होने वाली राउंडटेबल बैठकों में वित्त मंत्री इस बेतुकी फीस वृद्धि के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएंगी.
‘निज्जर कांड’ में गैंगवार का सच
उधर कनाडा के टोरंटो पहुंचने से पहले हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का ऑडियो लीक होने के बाद भारत का पलड़ा भारी हो गया है. सच सामने आने के बाद कनाडा में भारत के पूर्व उच्चायुक्त संजय वर्मा ने साफ लहजे में कह दिया है कि कनाडा सरकार को भारत पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए और रिश्तों को रीसेट करना चाहिए. इस खुलासे ने कनाडाई पीएम ट्रूडो के झूठे भारत-विरोधी नैरेटिव की पूरी हवा निकाल दी है.
टोरंटो में टेबल पर दिखेगा भारत का दम
कनाडा में पहली बार होने जा रही ‘आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता’ (EFD) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कनाडाई वित्त मंत्री और निवेशकों के सामने बेहद मजबूत स्थिति में होंगी. कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत कड़ा संदेश देगा कि राजनीतिक बचकानेपन की वजह से आर्थिक साझेदारी को नुकसान पहुंचाना कनाडा के अपने बड़े-बड़े पेंशन फंड्स (CPPIB) के लिए ही घाटे का सौदा है. भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख के साथ टेबल पर बैठेगा.
विदेशी निवेशकों को लुभाने की बड़ी तैयारी
अपनी इस 9 दिवसीय यात्रा के दौरान वित्त मंत्री शिकागो, एशविल, न्यूयॉर्क और टोरंटो में ग्लोबल CEOs को गुजरात के ‘GIFT City-IFSC’ में निवेश के शानदार अवसरों का रोडमैप दिखाएंगी. अमेरिका और कनाडाई बिजनेस लीडर्स को यह समझाने की कोशिश होगी कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती मजबूत अर्थव्यवस्था है, जहां निवेश का रिटर्न सुरक्षित और गारंटीड है.
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विवादों के बीच क्या होगा डैमेज कंट्रोल?’
इस महा-दौरे के सामने चुनौतियां पहाड़ जैसी हैं. एक तरफ जहां अमेरिकी धरती पर H-1B वीजा के जरिए भारतीय टैलेंट के अधिकारों की रक्षा करनी है, वहीं कनाडा में बिना किसी कूटनीतिक दबाव के व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है. 28 अगस्त से 2 सितंबर तक चलने वाली इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के नतीजों पर पूरी दुनिया के आर्थिक और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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