Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Meghalaya में प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर Living Root Bridge पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खिंचवाईं तस्वीर, कहा- सस्टेनेबल फ्यूचर को मिल रहा बढ़ावा

Living Root Bridge को बचाए रखने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेघालय के लोगों की सराहना की. उन्‍होंने सस्टेनेबल फ्यूचर को बढ़ावा देने की बात कही, प्राकृतिक निशानियों को यूनेस्को से मान्यता दिलाने को भी कहा.

nirmala sitharaman Living Root Bridge

मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दौरा किया.

Living Root Bridge: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेघालय में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का संगम देखा. वे ईस्ट खासी हिल्स जिले के सीज गांव में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘लिविंग रूट ब्रिज’ पहुंचीं, और वहां उन्‍होंने तस्‍वीरें खिंचवाईं. उनकी तस्‍वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

निर्मला सीतारमण ने इस दौरान कहा कि 100 से अधिक वर्षों से स्थानीय समुदाय ने यहां प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखा है, जो सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए प्रेरणा है. उन्‍होंने ‘लिविंग रूट ब्रिज’ के बारे में कहा- इसको जीवित वृक्षों की जड़ों से बनाया गया है, जो नदियों को पार करने का अनोखा तरीका दर्शाता है.

‘लिविंग रूट ब्रिज’ की तस्‍वीरें देखकर लगता है कि जैसे कोई प्राकृतिक चमत्कार हुआ हो. यहां बहुत-से टूरिस्‍ट्स आते हैं, और सोशल मीडिया पर तस्‍वीरें साझा करते हैं.

सीज गांव के वासियों से मिलीं सीतारमण

निर्मला सीतारमण अपने दौरे के दौरान सीज गांव के बुजुर्गों, स्थानीय नेताओं और विश्व बैंक, केएफडब्ल्यू, एडीबी द्वारा समर्थित पेमेंट फॉर इकोसिस्टम सर्विसेज प्रोग्राम के लाभार्थियों से मिलीं. इस पहल से स्वदेशी समुदायों की पारिस्थितिक प्रथाओं का संरक्षण हो रहा है. सीतारमण ने कहा कि ये प्रथाएं वैश्विक समाधानों का आधार बन सकती हैं, खासकर जब दुनिया सस्टेनेबल तरीकों की तलाश में है. उन्होंने जड़ों से बने पुलों को पर्यावरण के साथ विकास का प्रतीक बताया.

यूनेस्को से मान्यता दिलाने के प्रयास जारी

वित्त मंत्री ने समुदाय के उस प्रयास की सराहना की, जो लिविंग रूट ब्रिज को यूनेस्को से मान्यता दिलाने के लिए कर रहा है. उन्होंने कहा, “यह मान्यता दिखावे के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को प्रेरित करने के लिए है कि आपने पहले से यह कर दिखाया.” गांव के बुजुर्गों, जिन्होंने दशकों तक इन पुलों की देखभाल की, को भी उन्होंने सम्मानित किया. यह कदम पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण

सीतारमण ने मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सस्टेनेबल लाइफस्टाइल दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि स्वदेशी समुदाय पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं. इसके बाद उन्होंने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) के तहत सोहबर गांव का भी दौरा किया, जो सीमावर्ती क्षेत्र का एक मनोरम गांव है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ये गांव भारत की शुरुआत हैं, न कि अंत.

वित्त मंत्री ने यहां बताए विकास के चार स्तंभ

सोहबर में वित्त मंत्री ने बेहतर सड़कें, डिजिटल और दूरसंचार कनेक्टिविटी, टीवी कवरेज और बिजली आपूर्ति जैसे चार प्रमुख विकास क्षेत्रों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि वीवीपी का दूसरा चरण अब मेघालय समेत पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच रहा है. यह कदम सीमावर्ती इलाकों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा.

इस दौरे से न केवल मेघालय की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिला, बल्कि सस्टेनेबल विकास के लिए एक नई राह भी खुली है.

यह भी पढ़िए: विकसित भारत-2047 विजन में बड़ा योगदान देंगे पूर्वोत्तर के राज्य, PM मोदी इन्‍हें कहते हैं ‘अष्ट लक्ष्मी’: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital