Bihar Politics News: साल 2025 की विदाई और नए साल के आगाज के बीच बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की सुगबुगाहट तेज हो गई है. 31 दिसंबर को राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. इस पोस्टर के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार (Nishant Kumar Poster) को सक्रिय राजनीति में लाने और पार्टी की कमान सौंपने की पुरजोर मांग की गई है.
यह पोस्टर महज कार्यकर्ताओं का उत्साह नहीं, बल्कि पार्टी की बदलती रणनीति का हिस्सा लगता है. पोस्टर सामने आते ही जेडीयू के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों ने भी सुर में सुर मिलाना शुरू कर दिया है. नेताओं का कहना है कि निशांत कुमार (Nishant Kumar In Politics) शिक्षित और सुलझे हुए युवा हैं, और बिहार को अब उनकी जरूरत है.
पोस्टर में क्या लिखा है? (Nishant Kumar JDU Poster)
जदयू छात्र विंग के उपाध्यक्ष कृष्णा पटेल द्वारा लगवाए गए इस पोस्टर में नीतीश कुमार और निशांत कुमार की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं. पोस्टर पर लिखा नारा सबका ध्यान खींच रहा है. ‘चाचा जी के हाथों में सुरक्षित अपना बिहार, अब पार्टी के अगले जनरेशन का भविष्य हमारे भाई निशांत कुमार.’ साथ ही नए साल और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दी गई हैं. कृष्णा पटेल का कहना है कि यह केवल पोस्टर नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता की दिली ख्वाहिश है.
Patna, Bihar: A poster was seen at the JD(U) office urging Chief Minister Nitish Kumar’s son, Nishant Kumar, to enter politics. pic.twitter.com/zKIs24dbOn
— IANS (@ians_india) December 31, 2025
नेताओं ने की ‘एंट्री’ की वकालत (JDU leaders on Nishant Kumar)
पोस्टर लगने के बाद जेडीयू के बड़े नेताओं ने खुलकर निशांत कुमार का समर्थन किया है. राजीव रंजन प्रसाद (राष्ट्रीय प्रवक्ता) नो कहा कि बिहार के युवाओं को निशांत कुमार से उम्मीद है. वे शिक्षित और सुलझे हुए हैं. उनके आने से राजनीति को नई दिशा मिलेगी. हम सभी चाहते हैं कि वे जल्द आएं, लेकिन फैसला उन्हें ही लेना है.
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वहीं एक अन्य नेता नीरज कुमार ने तर्क दिया कि निशांत की मांग इसलिए नहीं है कि वे सीएम के बेटे हैं, बल्कि इसलिए है क्योंकि वे सादगी और व्यवहार कुशलता की मिसाल हैं. उनके आने से पार्टी का ग्राफ ऊपर जाएगा. बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि जनता चाहती है कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएं.
भूख हड़ताल से पोस्टर तक (Nishant Kumar In Bihar Politics)
निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग नई नहीं है, लेकिन अब इसने जोर पकड़ लिया है. इससे पहले कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल भी की थी. यह मुद्दा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय निशांत कुमार और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का ही होगा. कुल मिलाकर, साल के आखिरी दिन जेडीयू कार्यालय के बाहर लगा यह पोस्टर भविष्य की राजनीति का ‘ट्रेलर’ दिखाई दे रहा है. संकेत मिलता है कि 2026 में बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की औपचारिक एंट्री हो सकती है.
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