राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर निशिकांत दुबे का हमला
Nishikant Dubey Attacks Rahul Gandhi: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी पर ‘मनुस्मृति’ संबंधी बयान को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी को पारसी बताते हुए हिंदू धर्म के मामलों से दूर रहने की सलाह दी.
भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा,
राहुल गांधी जी आप फिरोज गांधी जी के पोते हैं यानि वंशज है, भारत के संविधान और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप पारसी धर्म के हैं, आप अल्पसंख्यक हैं…पारसी धर्म आपका कर्म है. आपको सनातन धर्म यानि हिंदू धर्म, कुरान यानि मुस्लिम तथा बाइबल यानि ईसाई धर्म और धार्मिक ग्रंथों पर टिप्पणी करने का कोई हक और हूकूक नहीं है.
निशिकांत दुबे ने श्लोक को बताया काल्पनिक
इससे पहले भाजपा सांसद ने अपनी पोस्ट में एलओपी को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी वारेन हैसटिंग ब्रिटेन के गवर्नर जनरल ने 27 मार्च 1775 को 11 पंडितों / विद्वानों का एक समिति बनाया, जिसका उद्देश्य था, भारत में उपलब्ध सभी संस्कृत, पाली ग्रंथ का अनुवाद/ अध्ययन करना था. आज भारत में जितने ग्रंथ पर चर्चा होती है, सभी अंग्रेजों की कमिटि द्वारा अनुवादित किया गया है. उस कमेटी का अनुवाद सहित रिपोर्ट 1777 में गवर्नर जनरल को सौंपा गया, 1777 के रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि मनुस्मृति के कुछ श्लोक सही हैं. कुछ गलत हैं, काल्पनिक कालखंड है, दूसरे विद्वान ने अपने शब्द मनुस्मृति में घुसेड़ने का प्रयास किया है. कांग्रेस पार्टी को सनातन धर्म के अलावा यही विचार अन्य धर्म ग्रंथों में भी देखना चाहिए. यह देश तो हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई का भी है.
सीएम योगी ने भी राहुल गांधी पर किया हमला
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनुस्मृति संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोला था. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के रूप में देश को उनसे बहुत अपेक्षा नहीं है, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के पद पर होने के नाते उनकी लोकतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेही है. इसके बावजूद वह भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं.
रायबरेली में वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित भाव समर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों महाराष्ट्र में राहुल गांधी का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आएं. योगी ने कहा,
राहुल जी, राहुल गांधी के रूप में देश आपसे बहुत अपेक्षा नहीं करता, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनाता है.
देश का अपमान करते हैं राहुल- योगी
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाते हैं तो प्रदेश को लांछित और अपमानित करते हैं और भारत से बाहर जाते हैं तो देश का अपमान करते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की सेना जब सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ती है तो राहुल गांधी सेना के जवानों से प्रमाण मांगते हैं. आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में भी वह देशद्रोही तत्वों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं.
ये भी पढ़ें- ‘पानी में मटका…मटके में बैक्टीरिया’ इंदौर के 6 सरकारी अस्पतालों के पानी में मिले मानव मल के खतरनाक कीटाणु
योगी ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी कांग्रेस की ओर से प्रश्न खड़े किए गए. उन्होंने राहुल गांधी की लोकतंत्र के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश 1975 में आपातकाल की काली छाया देख चुका है. मुख्यमंत्री ने मनु और भारतीय परंपरा के संदर्भ में कहा कि यदि राहुल गांधी को मनु के बारे में जानना है तो उन्हें अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करने वाला समाज अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




