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Nitish Katara Murder Case: विकास यादव ने दाखिल की रिहाई याचिका, 17 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नीतीश के साथ भारती को देखकर विकास गुस्से में आ गया. उसने अपने चचेरे भाई विशाल के साथ मिलकर नीतीश को अगवा कर लिया. गाजियाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर ले जाकर हथौड़े से उसकी हत्‍या कर दी.

Nitish Katara Murder Case

Nitish Katara Murder Case

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

Nitish Katara Murder Case: साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में विकास यादव की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 जनवरी को सुनवाई करेगा. नीलम कटारा के वकील ने विकास यादव की याचिका का विरोध किया है. नीलम कटारा के वकील ने कहा कि विकास यादव की पहले सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका खारिज हो चुका है, अब रिट याचिका दाखिल किया है. विकास यादव ने रिहाई की मांग की है. जेल की सजा काटते हुए विकास यादव को 22 साल हो गए हैं. अब विकास यादव ने सुप्रीम कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई है. बताते चलें कि नीतीश कटारा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने ही विकास यादव (Vikas Yadav) को 25 साल की सजा सुनाई थी. जबकि विकास यादव को निचली अदालत और हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिली थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसको 25 साल सजा सुनाई थी जिसमें से वो अब 22 साल पूरे कर चुका है.

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कैसे हुई थी नीतीश कटारा की हत्या?

बता दें कि बाहुबली डीपी यादव की बेटी भारती यादव से नीतीश की बहुत ही अच्छी दोस्ती थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 16 फरवरी, 2002 की रात गाजियाबाद में एक शादी समारोह में भारती और नीतीश साथ थे. वहां भारती का भाई विकास भी था. नीतीश के साथ भारती को देखकर विकास गुस्से में आ गया. उसने अपने चचेरे भाई विशाल के साथ मिलकर नीतीश को अगवा कर लिया. गाजियाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर ले जाकर हथौड़े से उसकी हत्‍या कर दी. कुछ दिनों तक मुकदमा गाजियाबाद कोर्ट में चला. नीतीश की मां नीलम कटारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि डीपी यादव के दबाव में सुनवाई सही तरीके से नहीं हो रही है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमा दिल्ली ट्रांसफर कर दिया. निचली अदालत ने सुनवाई के बाद विकास को उम्र कैद की सजा सुनाई. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सजा को 25 साल कर दिया.

-भारत एक्सप्रेस



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