बिहार की राजनीति में शनिवार का दिन एक बार फिर चर्चा में रहा, जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंच गए. यह मुलाकात 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास पर हुई, और इसे काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है.
जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम के सीधे अपने काफिले के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे. इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल जरूर है, लेकिन तस्वीरों से साफ झलकता है कि माहौल पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और गर्मजोशी भरा था.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुलाकात की तस्वीर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की. उन्होंने लिखा कि बिहार के लोकप्रिय जननेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके आवास पर आए और उन्होंने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान नीतीश कुमार से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला.
जननेता, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी का आज मेरे सरकारी आवास पर आगमन हुआ। उनका अभिवादन स्वीकार्य कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।#NDA4Bihar #NitishKumarji pic.twitter.com/pGSbcfyKd4
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 18, 2026
सौहार्द और शिष्टाचार का संदेश
तस्वीरों में दोनों नेताओं के बीच सहजता और अपनापन साफ दिखाई दिया. मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि हालचाल जानने और बातचीत करने का भी एक मौका बनी. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस तरह की मुलाकातें बिहार की राजनीति में संवाद और सहयोग का संदेश देती हैं.
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने तय कार्यक्रम ‘जननेता अभिवादन’ में शामिल होने के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने आम लोगों से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार किया.
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार से उनकी यह दूसरी मुलाकात थी. इससे पहले भी दोनों नेताओं की एक औपचारिक मुलाकात हो चुकी है. वहीं, सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सीपी ठाकुर से मिलकर उनका आशीर्वाद भी लिया था.
इस मुलाकात से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने परिवार के साथ सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे थे. वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पूरे प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की. यह मंदिर गंगा और गंडक के संगम पर स्थित है और इसे खास धार्मिक महत्व प्राप्त है.
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-भारत एक्सप्रेस
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