Nitish Kumar Meet to PM Modi: “अब NDA का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे”, पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बोले सीएम नीतीश कुमार

Nitish Kumar Meet to PM Modi: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (7 फरवरी) को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की.

Nitish kumar

नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से की मुलाकात

Nitish Kumar Meet to PM Modi: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (7 फरवरी) को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. सीएम नीतीश कुमार की पीएम मोदी के साथ एनडीए में शामिल होने के बाद ये पहली मुलाकात है. नीतीश कुमार की जेडीयू पिछले महीने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाई है. नीतीश कुमार ने इस मुलाकात के बाद दोहराया कि वह अब फिर NDA का साथ नहीं छोड़ेंगे.  पीएम मोदी के साथ अपनी बैठक के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की.

अब एनडीए का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे- नीतीश कुमार

जेडीयू प्रमुख ने पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात की. उन्होंने 2013 में भाजपा के साथ संबंध तोड़ने से पहले, 1995 से भाजपा के साथ अपने जुड़ाव को याद किया और कहा कि उन्होंने इसे दो बार छोड़ा होगा, लेकिन अब ऐसा कभी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, “अब कभी नहीं. हम यहीं (राजग में) रहेंगे.” यह बैठक नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 12 फरवरी को विधानसभा में विश्वास मत का सामना करने से पांच दिन पहले हुई है.

जल्द होगा कैबिनेट का विस्तार

बिहार सीएम ने आठ मंत्रियों के साथ शपथ ली थी, जिनमें भाजपा और जदयू के तीन-तीन मंत्री शामिल थे और अब मंत्रिपरिषद का विस्तार होना है. दोनों दलों को लोकसभा चुनाव से पहले कई पेचीदा राजनीतिक मुद्दों से निपटना होगा, जिसमें उनके और उनके छोटे सहयोगियों के बीच चुनाव लड़ने के लिए संसदीय सीटों का बंटवारा भी शामिल है.

यह भी पढ़ें- “मोदी सरकार 3.0 में विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार होगी”, राज्यसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर किया करारा प्रहार

17-17 सीटों पर दोनों पार्टियों ने लड़ा था चुनाव

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और जदयू ने बिहार में 17-17 सीट पर चुनाव लड़ा था, जबकि तत्कालीन लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने छह सीट पर चुनाव लड़ा था. लोजपा अब दो गुटों में विभाजित है. एनडीए में अब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हैं.

सूत्रों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार विधानसभा को भंग कर दिया जाए ताकि इसका चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ हो सके, लेकिन हो सकता है कि भाजपा, इस विचार के प्रति उतनी उत्साहित न हो. विधानसभा में भाजपा की सीट संख्या जदयू से अधिक है.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Live

Also Read