बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को शनिवार (18 अप्रैल) को गृह विभाग की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने के फैसले ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका दे दिया है. मामला अब सिर्फ सुरक्षा का नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी का बड़ा मुद्दा बन गया है.
आरजेडी ने कसा तंज
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है. उनका कहना है कि एक तरफ तेजस्वी यादव जैसे बड़े जनाधार वाले नेता को, बार-बार मांग करने के बावजूद, Z+ सुरक्षा नहीं दी गई, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के बेटे को Z श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई.
शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन असल में अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने में लगी है. उनके मुताबिक, सत्ता के नशे में सुरक्षा जैसे गंभीर विषय के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का अहम हिस्सा होता है और उसकी अनदेखी करना सरकार के लिए ठीक संकेत नहीं है.
1 करोड़ 90 लाख जनता का अपार समर्थन प्राप्त करने वाले नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव जी को लाख पत्राचार के बावजूद Z+ सुरक्षा नहीं दी गई। वहीं दूसरी तरफ, सुशासन का ढोंग रचने वाली सरकार नीतीश कुमार के बेटे निशांत को Z और श्रवण कुमार को Y+ सुरक्षा…
— Shakti Singh Yadav (@sshaktisinghydv) April 18, 2026
कांग्रेस ने भी उठाया सवाल
इस मुद्दे पर कांग्रेस भी पीछे नहीं रही. बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने सवाल किया कि आखिर निशांत कुमार किस पद पर हैं, जो उन्हें इतनी उच्च स्तर की सुरक्षा दी जा रही है? उन्होंने कहा कि क्या राज्य के टैक्सपेयर्स का पैसा इस तरह खर्च किया जाना सही है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कहीं यह किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा तो नहीं है, जिसके जरिए कुछ खास लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अन्य नेताओं को भी इसी तरह सुरक्षा दी जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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