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बचेली NMDC में 3 करोड़ का ‘गार्ड घोटाला’; फर्जी हाजिरी लगाकर डकारे पैसे, खुलासा होने पर अधिकारियों में मचा हड़कंप

NMDC बचेली में सीडीओ सुरक्षा गार्डों के वेतन में भारी भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. सुपरवाइजर और अधिकारियों की मिलीभगत से 187 गार्डों का पेमेंट लिया जा रहा था, जबकि ड्यूटी पर केवल 70-80 गार्ड ही तैनात थे. पूरी खबर पढ़ें.

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Chhattisgarh News: बचेली में शराब घोटाले की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब देश की प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी NMDC एक नए भ्रष्टाचार के मामले में घिर गई है. इस बार मामला टाउनशिप की सुरक्षा में लगे ‘सीडीओ’ (CDO) गार्डों के वेतन से जुड़ा है. आरोप है कि सुपरवाइजर, मैनेजर और एनएमडीसी के विभागीय अधिकारियों ने मिलकर पिछले 3 सालों में करीब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाया है.

कागजों पर तैनात 187 गार्ड, जमीन पर सिर्फ 70

इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब सीडीओ गार्ड की टेंडर प्रक्रिया खत्म हुई. जांच और बयानों में यह बात सामने आई है कि एनएमडीसी टाउनशिप की सुरक्षा के लिए 135 गार्ड्स की तैनाती की जानी थी, जिन्हें तीन शिफ्टों में ड्यूटी करनी थी. लेकिन असलियत कुछ और ही थी. सूत्रों के मुताबिक, सुपरवाइजर और मैनेजरों की मिलीभगत से केवल 70 से 80 गार्डों के जरिए ही सुरक्षा व्यवस्था खींची जा रही थी.

हैरानी की बात यह है कि जब वेतन देने की बारी आती थी, तो एनएमडीसी से 187 सुरक्षा गार्डों का पैसा निकाला जाता था. यानी लगभग 100 से ज्यादा ऐसे ‘फर्जी’ गार्डों का पैसा अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब में जा रहा था, जिनका अस्तित्व सिर्फ कागजों पर था.

नौकरी से निकालने की मिली धमकी

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा खुद सुरक्षा गार्डों ने किया है. गार्ड्स का कहना है कि जब वे छुट्टी पर होते हैं, तब भी उनके बैंक खातों में पूरा वेतन डाल दिया जाता है. इसके दो दिन बाद सुपरवाइजर उन पर दबाव बनाते हैं कि ‘अतिरिक्त’ पैसा वापस करें. जो गार्ड पैसा लौटाने से इनकार करता है, उसे सीधे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है.

सीडीओ गार्ड मानी राम भास्कर ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत एसडीएम कार्यालय में दर्ज कराई है. उन्होंने साफ कहा कि जब ड्यूटी पर कम गार्ड तैनात हैं, तो आखिर 187 लोगों का भुगतान कैसे हो रहा है?

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अधिकारियों ने दी सफाई

इस मुद्दे पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने बताया कि रोजाना 25 से 30 सुरक्षा पॉइंट खाली रहते हैं, फिर भी एनएमडीसी उनके नाम पर भुगतान कर रही है. कुंजाम ने मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज होना चाहिए.

वहीं, जब ‘भारत एक्सप्रेस’ की टीम ने सीडीओ इंचार्ज रंजीत प्रसाद से इस बारे में बात की, तो उनका जवाब काफी सनसनीखेज था. उन्होंने एक तरह से स्वीकार किया कि गड़बड़ी बड़े स्तर पर है. रंजीत प्रसाद ने कहा, “अगर भ्रष्टाचार हुआ है, तो इसमें केवल मेरी कंपनी के लोग नहीं, बल्कि पूरा डिपार्टमेंट शामिल है. अगर मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई होती है, तो मैं उन सभी बड़े चेहरों के नाम उजागर कर दूंगा जो इस खेल का हिस्सा हैं.”

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-भारत एक्सप्रेस



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