देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को इस साल का प्रतिष्ठित ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ दिया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 अगस्त को पुणे के गुलटेकड़ी स्थित महाराष्ट्र मंडल ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान सौंपेंगे.
समारोह में जुटेंगे महाराष्ट्र के दिग्गज नेता
शनिवार सुबह 11:15 बजे होने वाले इस खास कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत राज्य के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे.
81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले एनएसए हैं. उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे बेहद संवेदनशील इलाकों में काम किया है. साथ ही इस्लामाबाद और लंदन में भारतीय मिशनों में भी अपनी बेहतरीन सेवाएं दी हैं. 2017 में चीन के साथ हुए डोकलाम विवाद को कूटनीतिक सूझबूझ से सुलझाने में उनकी भूमिका की काफी सराहना हुई थी.
1983 से दिया जा रहा यह प्रतिष्ठित सम्मान
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में महाराष्ट्र मंडल, पुणे द्वारा की गई थी. महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि (1 अगस्त) पर यह सम्मान हर साल ऐसे व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने देश की प्रगति और राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया हो. सबसे पहला पुरस्कार मशहूर समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को मिला था.
और किन हस्तियों को मिला पुरस्कार
यह सम्मान पाने वालों में देश की कई दिग्गज राजनीतिक और सामाजिक शख्सियतें शामिल हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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