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G-20 Summit: जी-20 सम्मेलन के आखिरी दिन विदेशी मेहमानों ने भगवान बुद्ध की तपोस्थली का किया भ्रमण

Varanasi: वाराणसी में तीन दिवसीय जी-20 सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें विदेशी मेहमानों ने गंगा आरती से लेकर वाराणसी की हैंडक्राफ्ट की जमकर तारीफ की.

भ्रमण करते विदेशी मेहमान

सौरभ अग्रवाल

G-20 Summit: वाराणसी में जी-20 सम्मेलन के आखिरी दिन मंगलवार को विदेशी मेहमानों ने भगवान बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ का भ्रमण किया. काशी से विदा होने से पहले विदेशी मेहमान सारनाथ पहुंचे और वहां पर बुद्ध कालीन अवशेषों को देखा, बौद्ध मंदिरों का भ्रमण किया, म्यूजियम में रखें सामानों को देखा और तस्वीरें खिंचाई. इस मौके पर काशी की सुनहरी यादों को भी संजोया.

बता दें कि जी-20 सम्मेलन का काशी में मंगलवार को आखिरी दिन है. पहले से तय योजना के तहत आज मेहमानों ने सारनाथ का भ्रमण किया और काशी की तमाम यादों को अपने जेहन में समेटा. तीन दिवसीय सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा भी हुई. सोमवार को सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीटिंग सेशन से पहले जी-20 देशों के डेवलपमेंट मिनिस्टर्स व अन्य प्रतिनिधियों को वीडियो संदेश दिया.

इसके बाद दो सेशंस में मीटिंग हुई जिसमें पहले सेशन में सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्य को हासिल करने के लिए किस तरीके के सामूहिक प्रयास होने चाहिए, इस पर दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे.‌ मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे हैं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दिशा में भारत के प्रयासों और भारत की सोच के बारे में जानकारी दी. दूसरे सेशन में क्लाइमेटिक चेंज और ग्रीन डेवलपमेंट पर विचार विमर्श किया गया जिसमें जी- 20 देशों के लोगों ने सहमति जताई कि पर्यावरण संरक्षण के लिए और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाना आवश्यक है. विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि जी-20 काशी में हुई बैठक काफी सार्थक रही, इसमें दुनिया के सतत विकास पर चर्चा हुई.

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विदेशी मेहमानों ने की काशी की तारीफ

वहीं सम्मेलन के दूसरे दिन मीटिंग का फर्स्ट सेशन खत्म होने के बाद विदेशी मेहमानों ने टीएफसी में यूपी के वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट के तहत लगाई गई प्रदर्शनी को भी देखा था. विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत जी-20 देशों के डेवलपमेंट डिस्ट्रिक्ट मिनिस्टर्स व प्रतिनिधियों को यूपी के प्रत्येक जिले की कारीगरी के बारे में बताया था. इस दौरान लकड़ी पर महीन कारीगरी का लाइव डेमो भी दिया गया था. विदेशी मेहमानों ने वाराणसी के मशहूर हैंडक्राफ्ट और मीना तारीख को भी देखा और कारीगरी की जमकर तारीफ की. प्रदर्शनी में कारीगरों और उत्पाद से जुड़े व्यापारियों ने विदेशी मेहमानों को विस्तृत जानकारी भी दी थी.

-भारत एक्सप्रेस



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