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’49 लाख मतदाता और सिर्फ एक सांसद…’, एक वोट-एक मूल्य के सिद्धांत पर गृह मंत्री शाह ने विपक्ष को घेरा

Amit Shah On Delimitation: गृहमंत्री ने कहा कि देश में 127 ऐसी सीटें हैं, जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान करते हैं. इनमें बेंगलुरु उत्तर, बेंगलुरु दक्षिण, मलकाजगिरी और गाजियाबाद जैसी सीटें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन सीटों पर मतदाताओं की संख्या 27 लाख से 29 लाख तक है.

Amit Shah On delimitation

Amit Shah On delimitation

Amit Shah On Delimitation: आज लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और परिसीमन पर बहस हो रही थी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे. इस दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और गृह मंत्री अमित शाह के बीच परिसीमन मुद्दे पर जमकर नोकझोंक देखने को मिली.

बहस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर अखिलेश यादव ने दिल्ली और गाजियाबाद का उदाहरण देते हुए मतदाताओं की संख्या और सीटों के असंतुलन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को लेकर इस समय जो आंकड़े पेश किये जा रे हैं, वो वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से बेहद कम हैं.

जिसपर गृहमंत्री अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पता ही नहीं है कि ये अपने स्टैंड के पक्ष में बोल रहे हैं या विपक्ष में. गृहमंत्री ने कहा कि आप सत्ता पक्ष के तर्क को मजबूत कर रहे हैं. जिसके बाद गृहमंत्री ने विस्तार से समझाया कि आखिर केंद्र सरकार को परिसीमन लाने की जरूरत क्यों पड़ी.

कई सीटों पर 49 लाख हैं मतदाता

गृहमंत्री ने कहा कि देश में 127 ऐसी सीटें हैं, जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान करते हैं. इनमें बेंगलुरु उत्तर, बेंगलुरु दक्षिण, मलकाजगिरी और गाजियाबाद जैसी सीटें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन सीटों पर मतदाताओं की संख्या 27 लाख से 29 लाख तक है. यहीं उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 27 लाख मतदाता हैं. वहीं कुछ सीटों पर तो मतदाताओं की संख्या 49 लाख तक है.

परिसीमन इसलिए जरूरी

अमित शाह ने तर्क देते हुए परिसीमन को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि इस समय ‘एक वोट एक मूल्य’ के सिद्धांत का उल्लंघन हो रहा है. कई सीटों पर 27 लाख से 49 लाख तक मतदाता हैं तो कई जगहों पर मात्र 6 लाख हैं.

ये भी पढ़ें- ‘कांग्रेस ने परिसीमन से देश की जनता को वंचित रखा’, लोकसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ये एक सांसद पर भारी बोझ की तरह है. इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए परिसीमन कराना चाहते हैं. जब परिसीमन होगा तो सीटों की संख्या बढ़ जाएगी. यह मतदाताओं का सम्मान होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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