Operation Numkhor: कस्टम विभाग ने ‘ऑपरेशन नुमखोर’ चलाकर गाड़ियों की तस्करी का पर्दाफाश किया है. जांच में सामने आया कि भूटान के रास्ते भारत में करीब 15,849 वाहन बिना टैक्स और ड्यूटी चुकाए रजिस्टर कराए गए. ‘नुमखोर’ शब्द भूटानी भाषा में वाहन के लिए इस्तेमाल होता है.
सरकार को भारी नुकसान
इन गाड़ियों की वजह से सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. शुरुआत में विभाग ने केरल में सिर्फ 35-40 लग्जरी कारों की जांच की थी, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या हजारों में पहुंच गई.
मशहूर हस्तियां भी रडार पर
इस मामले में कई फिल्मी सितारों और जानी-मानी हस्तियों के नाम भी सामने आ रहे हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में भूटान सीमा से लगे इलाकों में ज्यादातर गाड़ियां फर्जी तरीके से दर्ज थीं. अकेले असम में 464 वाहन पंजीकृत मिले, जबकि केरल से 50 से ज्यादा गाड़ियां जब्त की गईं.
डिजिटल ऑडिट से खुली पोल
‘नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री’ के डिजिटल ऑडिट में यह गड़बड़ी पकड़ी गई. कई गाड़ियों को सेना से बेची गई पुरानी गाड़ियां बताकर फर्जी ‘डिस्पोजल सर्टिफिकेट’ के आधार पर दर्ज किया गया. महंगी कारों के लिए विदेशी दूतावासों और मंत्रालय के नकली कागज तैयार किए गए ताकि भारी कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके.
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नकली दस्तावेजों का जाल
जांच में पता चला कि ये दस्तावेज असली जैसे दिखने वाले बेहद हाई-क्वालिटी के नकली पेपर थे. अब भूटान से भारत में लग्जरी कारों की तस्करी रोकने के लिए केरल के मुन्नार में भारत-भूटान सीमा शुल्क अधिकारियों की बैठक हो रही है. इसमें SUV और महंगी गाड़ियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त कदमों पर चर्चा की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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