भारतीय सेना मुख्यालय (IHQ) ऑपरेशंस रूम से पहली बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की लाइव निगरानी करते थल, वायु और नौसेना प्रमुखों की तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं. यह दुर्लभ तस्वीरें उस क्षण की हैं जब 7 मई की रात 1:05 बजे देश की तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी एक साथ मिलकर इस बड़े जवाबी मिशन को अंजाम देने की रणनीति बना रहे थे.
इन तस्वीरों में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी नजर आ रहे हैं. यह मिशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी.
6 और 7 मई की रात, भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक साझा ऑपरेशन चलाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया—वो भी बिना किसी आम नागरिक को नुकसान पहुँचाए. इस मिशन के लिए पहले पुख्ता खुफिया जानकारी एकत्र की गई थी, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की भूमिका स्पष्ट तौर पर सामने आई थी.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को बेहद सटीकता से निशाना बनाया. इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के अड्डों को तबाह कर दिया गया.
प्रमुख ठिकानों में कोटली स्थित गुलपुर और अब्बास कैंप शामिल थे. गुलपुर कैंप लश्कर आतंकियों का गढ़ था जो राजौरी-पुंछ क्षेत्र में सक्रिय थे. वहीं अब्बास कैंप आत्मघाती हमलावरों को ट्रेनिंग देने का केंद्र था. भिम्बर जिले में स्थित बरनाला कैंप में हथियार प्रशिक्षण, आईईडी बनाना और जंगल वारफेयर सिखाई जाती थी.
सेना अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा ऑपरेशन एक सशक्त खुफिया तंत्र पर आधारित था, जिसमें आतंकी नेटवर्क की गहराई से जांच कर उनके प्रशिक्षण शिविरों की पहचान की गई. ऑपरेशन के दौरान पूरी नैतिकता और सतर्कता बरती गई. नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया. केवल आतंकियों को निशाना बनाकर मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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