पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक अहम प्रगति के तहत गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को आज जम्मू स्थित माननीय एनआईए विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. इन दोनों पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस केस को लेकर मीडिया में चल रही कुछ अटकलों और रिपोर्ट्स पर संज्ञान लिया है. एजेंसी ने कहा है कि कुछ रिपोर्ट्स भ्रामक और अनुमान आधारित हैं, जिनमें हमले में शामिल आतंकियों के स्केच और पहचान को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी इस तरह की अपुष्ट जानकारियां तेजी से फैल रही हैं.
एनआईए ने दोहराया है कि 22 जून 2025 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि दो आरोपियों को इस आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने तीन हथियारबंद आतंकियों की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं.
जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक आतंकियों की पहचान से संबंधित कई अहम साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं, जिनमें पीड़ितों के प्रत्यक्षदर्शी बयान, वीडियो फुटेज, तकनीकी जानकारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जारी स्केच शामिल हैं. इन सभी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है. हालांकि एनआईए ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा गया है.
एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पेशेवर मानकों के साथ की जा रही है. हमले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल हो रही है. आतंकियों की पहचान और अन्य जानकारी उचित समय पर सार्वजनिक की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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