पीएम मोदी मे आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha) के 9वें संस्करण के तहत देश भर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया. इस बार पीएम मोदी ने दिल्ली के अलावा देश के 5 अलग-अलग शहरों (कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी, देवमोगरा) के छात्रों से भी डिजिटल माध्यम से बातचीत की. चर्चा के दौरान पीएम ने छात्रों के मन में चल रहे सबसे बड़े द्वंद्व बोर्ड एग्जाम बनाम एंट्रेंस एग्जाम को लेकर अहम सलाह दी.
12वीं या एंट्रेंस (NEET/JEE)?
छात्रों के इस सवाल पर कि वे बोर्ड की पढ़ाई करें या एंट्रेंस की, पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि पहली प्राथमिकता 12वीं की पढ़ाई को दें. अगर आपने 12वीं के सिलेबस को आत्मसात (Internalize) कर लिया है, तो आपको प्रवेश परीक्षा क्रैक करने में मुश्किल नहीं होगी. उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें खेलने दें.
सिर्फ रट्टा नहीं, हुनर भी जरूरी
पीएम मोदी ने ‘प्रोफेशनल स्किल’ और ‘लाइफ स्किल’ में संतुलन बनाने की बात कही. उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया. उन्होंने कहा कि अगर आपको हार्ट स्पेशलिस्ट बनना है, तो किताबें मदद करेंगी, लेकिन असली डॉक्टर आप मरीज के साथ रहकर ही बनेंगे. शिक्षा और स्किल एक-दूसरे के भाई-बहन हैं. स्किल की शुरुआत ज्ञान से ही होती है, लेकिन उसे व्यवहार में लाना जरूरी है.
दूसरों की नकल मत करो (PM Modi Pariksha Pe Charcha)
पढ़ाई के पैटर्न को लेकर पीएम ने कहा कि जैसे हर घर में खाने का स्वाद अलग होता है, वैसे ही हर छात्र का पढ़ने का तरीका अलग होता है. उन्होंने कहा कि मुझे भी पीएम बनने के बाद कई लोग राय देते हैं. आप सुनें सबकी, लेकिन अपने पैटर्न पर भरोसा रखें. किसी के कहने पर अपना तरीका न बदलें.
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गूगल से एक कदम आगे रहें (Pariksha Pe Charcha Highlights)
शिक्षकों की पढ़ाने की स्पीड और छात्रों की समझने की स्पीड में अंतर पर पीएम ने सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि टीचर्स को क्लास में आने से पहले ही बता देना चाहिए कि अगले हफ्ते क्या पढ़ाया जाएगा. छात्रों से कहें कि वे गूगल से पढ़कर आएं. इससे छात्र टीचर से कनेक्ट कर पाएंगे और स्पीड की समस्या नहीं होगी.
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