Patna NEET Student Rape Case
Patna NEET Student Rape Case: पटना NEET छात्रा रेप और उसके बाद मौत मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को जमानत मिल गई है. उन्हें गुरुवार को पटना सिविल कोर्ट ने डिफॉल्ट बेल दी है.
जानकारी के मुताबिक सीबीआई की तरफ से समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाने की वजह से मनीष रंजन को कोर्ट ने 90 दिनों के बाद बेल दे दी.
बता दें कि 10 अप्रैल को कोर्ट ने मामले के 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने के आदेश दिये थे. यह समय सीमा आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत तय है, लेकिन सीबीआई चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई.
क्या होता है डिफॉल्ट बेल?
आपराधिक प्रक्रिया संहिता के मुताबिक अगर पुलिस किसी आपराधिक मामले में 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाती है तो आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिलने का अधिकार है. इसी नियम के तहत मनीष रंजन को बेल मिली है.
उधर मनीष रंजन को बेल मिलने की खबर सुनकर पीड़िता की मां की तबीयत खराब हो गई है. उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है.
परिजनों में दिखी जबरदस्त नाराजगी
इस मामले को लेकर पीड़िता के परिजनों ने जबरदस्त नाराजगी जाहिर की है. पीड़िता के परिजनों ने कहा है कि परिवार के साथ नाइंसाफी की जा रही है. जांच एजेंसियां गलत कर रही हैं. जब देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी की ये हालत है, तो फिर भारत के लोग कैसे इनपर विश्वास करेंगे.
उन्होंने सीबीआई से सही दिशा में और तथ्यों के आधार पर जांच करने की अपील की है. उन्होंने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है.
कानूनी लड़ाई नहीं हुई है खत्म
बता दें कि, डिफॉल्ट बेल मिलने का ये अर्थ नहीं है कि आरोपी को मुक्त कर दिया गया है. यह तकनीकी आधार पर दी गई है, ऐसे में अभी कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई है.
ये भी पढ़ें- अमित शाह की ‘पॉलिटिकल क्लास’! समझाया 850 सीटों का पूरा फॉर्मूला, प्रियंका-वेणुगोपाल के दावों की उड़ाई धज्जियां
उधर पीड़िता के पक्ष के वकील एसके पांडे ने सीबीआई पर बड़ा आरोप लगाते दिखे. उन्होंने कहा कि मनीष रंजन को बेल मिलने पर सबसे ज्यादा खुश CBI ही दिखी. CIB को कोई भी परेशानी नहीं थी कि चार्जशीट ना पेश किया जा सके, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



