जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को देखते हुए टूरिष्ट टास्क फोर्स के गठन सहित अन्य की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जस्टिस सूर्यकांत कि अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह याचिका पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है. कोर्ट ने पूछा कि आपको इस तरह की याचिका दायर करने की सलाह किसने दी. यह सेंसेटिव मामला है.
हिल इलाकों में बढ़ाई जाए सुरक्षा
यह याचिका सुप्रीम कोर्ट ने वकील विशाल तिवारी की ओर से दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि अभी गर्मियों की छुट्टियां होने वाली है. बहुत से टूरिस्ट हिल घूमने जाएंगे. इसको देखते हुए हिल इलाकों की सुरक्षा को बढ़ाई जाए. साथ ही याचिका में भविष्य में इस तरह की घटना ना हो. इसके लिए दिशा निर्देश जारी किया जाए. अगर आतंकी हमला होता है या पर्यटकों पर हमला होता है तो तुरंत मेडिकल सुविधा की व्यवस्था हो.
वकीलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए-कोर्ट
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कोई एक्सपर्ट है क्या? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसी याचिकाएं नहीं दाखिल करनी चाहिए. वकीलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप याचिका वापस लें, अन्यथा हमें आदेश जारी करना होगा. हम जांच कराने के विशेषग्य नहीं है. आप अपनी मांग तो देखिए, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच हो.
नागरिकों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ होना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी नागरिकों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ होना चाहिए. इस तरह की मांग हमारी सिक्योरिटी फोर्सेज का मनोबल गिराने वाली है. ऐसी याचिका नहीं दाखिल की जानी चाहिए.
टूरिस्टों पर हुए हमले की पूरे विश्व में की जा रही निंदा
बता दें कि टूरिस्टों पर हुए हमले की पूरे विश्व में निंदा की जा रही है. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में 26 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय लोग बताए जा रहे हैं. इसमें नेपाल और यूएई के नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा एक आईबी अधिकारी और एक नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी पहलगाम आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई है. वही 20 से ज्यादा लोग घायल है.
पुलवामा हमले के बाद दूसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला
यह हमला पर्यटकों के एक समूह को निशाना बनाकर किया गया, जो ट्रैकिंग ट्रिप के लिए सुंदर बैसरन घाटी में आए थे. यह हमला जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़े हमलों में से है. पुलवामा हमले के बाद दूसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है. मंगलवार को दोपहर बाद हुए इस हमले के आतंकवादियों ने महिलाओं और बुजुर्गों सहित लोगों के एक समूह को निशाना बनाया है. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के विंग द रजिस्टेंस फ्रंट यानी टीआरफ ने ली है. फायरिंग के बाद आतंकी भाग निकले.
-भारत एक्सप्रेस
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