भारतीय जनता पार्टी के मार्गदर्शक और देश के वरिष्ठ राजनेता लालकृष्ण आडवाणी के 99 वर्ष पूरे कर अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश करने के ऐतिहासिक अवसर पर देश भर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है. इस खास मौके पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विशेष आर्टिकल (लेख) साझा करते हुए उनके साथ अपने आत्मीय संबंधों और राष्ट्र निर्माण में उनके युगांतकारी योगदान को गहराई से याद किया है.
Today, 8th November, is a landmark day. Respected L.K. Advani Ji enters his hundredth year. On this special occasion, my greetings to him.
I’ve written an article in which I’ve highlighted his everlasting contribution to India.
I have recalled his journey, be it experiencing the horrors of Partition and rebuilding life from scratch, strengthening the Jana Sangh and building the BJP, standing up for democracy during the Emergency, leading the Somnath to Ayodhya Rath Yatra or serving the nation in government.
Have also written about other aspects of Advani Ji – the voracious reader, his love for culture and cinema, a prolific writer and more.
English – https://t.co/tc77ZVhRdo
हिंदी – https://t.co/t0JSavOopX
— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2026
बंटवारे के दर्द से लेकर जनसंघ तक
पीएम मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर असाधारण दृढ़ता दिखाई है. उन्होंने विभाजन के कठिन दौर का सामना करने, देश में जनसंघ को मजबूत करने, आपातकाल (Emergency) के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने और सोमनाथ से अयोध्या तक ऐतिहासिक रथ यात्रा का नेतृत्व करने जैसे अहम पड़ावों को रेखांकित किया है. इसके अलावा, पीएम ने उनके बहुपठित, स्वभाव, साहित्य, संस्कृति और सिनेमा के प्रति उनके गहरे प्रेम जैसे अनछुए पहलुओं पर भी प्रकाश डाला है.
दीपावली और कई ऐतिहासिक संयोग
प्रधानमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि यह बेहद सुखद संयोग है कि आडवाणी जी का यह जन्मदिन और दीपावली का पावन पर्व एक ही दिन पड़ रहा है. इस संयोग को और अधिक खास बनाते हुए उन्होंने याद दिलाया कि इसी वर्ष देश जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहा है.
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“उन्होंने मेरा हाथ थामकर राजनीति की बारीकियां सिखाईं”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यक्तिगत जुड़ाव और भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि यह अवसर उनके लिए बेहद भावुक कर देने वाला है. उन्होंने बताया कि किस प्रकार धीरे-धीरे यह राजनीतिक रिश्ता एक अभिभावक और मार्गदर्शक के रूप में बदल गया. लेख के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने वेदों के प्रसिद्ध मंत्र का स्मरण करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की.
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