रेलवे कर्मचारियों को बोनस
PM MOdi Cabinet Railway Bonus: दशहरा और दिवाली से ठीक पहले, नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगभग 11 लाख अराजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को उत्पादकता-आधारित बोनस (PLB) देने को मंजूरी दे दी है. यह फैसला रेलवे के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है, जिसने पिछले साल रिकॉर्ड 1614.90 मिलियन टन माल ढुलाई और 7.3 बिलियन यात्रियों को ढोया. इस बोनस से कर्मचारी न सिर्फ प्रेरित होंगे, बल्कि आने वाले त्योहारों की खुशियां भी दोगुनी हो जाएंगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के उत्पादकता-आधारित बोनस (पीएलबी) के भुगतान (Bonus to Railway Employees) को मंजूरी दी गई है. इस बोनस के लिए कुल 1865.68 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.
78 दिनों के वेतन के बराबर होगा बोनस (Railway Bonus 2025)
बोनस की यह राशि प्रत्येक पात्र रेलवे कर्मचारी को उनके 78 दिनों के वेतन के बराबर होगी, जिसकी अधिकतम सीमा 17,951 रुपये है. यह बोनस ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्स मैन, मंत्रालयिक कर्मचारी और अन्य ग्रुप ‘सी’ कर्मचारियों को दिया जाएगा.
छुट्टियों से पहले मिलेगा (bonus for railway employees)
यह बोनस रेलवे कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए दिया जा रहा है. वर्ष 2024-25 में रेलवे ने रिकॉर्ड 1614.90 मिलियन टन माल ढुलाई की और लगभग 7.3 बिलियन यात्रियों को ढोया. इस बोनस का भुगतान दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले किया जाएगा, जो रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा.
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बोनस का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे रेलवे के प्रदर्शन में सुधार के लिए काम करें. यह फैसला न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि रेलवे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है. इस फैसले से रेलवे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने काम में और भी मेहनत करेंगे.
कर्मचारियों को काफी राहत
इस बोनस का भुगतान दुर्गा पूजा/दशहरा से पहले किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी. प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे, जिससे सरकार पर कुल 1865.68 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा. यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार अपने कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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