हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अडानी का जवाब
Gautam Adani Latter To Shereholder: ‘लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’. अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने हिंडनबर्ग द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सेबी से क्लीनचिट के बाद शेयरधारकों को एक भावुक पत्र लिखा है. उन्होंने इस फैसले को अपने समूह की पारदर्शिता और गवर्नेंस की ‘शक्तिशाली पुष्टि’ बताया. उन्होंने अपने पत्र की शुरुआत ‘सत्यमेव जयते’ से करते हुए कहा कि इस चुनौती ने समूह को कमजोर करने के बजाय, उसकी नींव को और भी मजबूत किया है.
गौतम अडानी ने कहा कि 24 जनवरी 2023 का दिन हमेशा याद रहेगा, जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने भारतीय उद्यमों की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को सीधे चुनौती दी थी. यह सिर्फ आपके अडानी समूह की आलोचना नहीं थी. यह भारतीय उद्यमों के लिए वैश्विक स्तर पर सपने देखने की क्षमता पर एक सीधी चुनौती थी.
कठिन समय में जबरदस्त प्रदर्शन
अडानी ने बताया कि इस कठिन समय में भी उनके समूह ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. उन्होंने पिछले दो सालों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मुनाफे में 57% की वृद्धि हुई और 2 लाख करोड़ रुपये की नई संपत्ति जोड़ी गई. समूह ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी पूरा किया, जो भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं.
समूह का दमदार प्रदर्शन
- मुनाफे में बढ़ोतरी: FY23 में पोर्टफोलियो EBITDA 57,205 करोड़ से बढ़कर FY25 में 89,806 करोड़ हो गया, जो 57% की प्रभावशाली वृद्धि है.
- संपत्ति का विस्तार: समूह की कुल संपत्ति इसी अवधि में 4.12 लाख करोड़ से बढ़कर 6.09 लाख करोड़ हो गई, यानी दो लाख करोड़ रुपये की नई संपत्ति जोड़ी गई.
निवेशकों का आभार जताया
अडानी ने निवेशकों, ऋणदाताओं और आपूर्तिकर्ताओं का उनके विश्वास और धैर्य के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि आपके विश्वास ने हमें स्थिरता दी, आपके धैर्य ने हमें बनाए रखा और आपके विश्वास ने हमें प्रोत्साहित किया है. उन्होंने यह भी वादा किया कि समूह भविष्य में अपनी गवर्नेंस के मानकों को और मजबूत करेगा, नवाचार और स्थिरता में तेजी लाएगा, और राष्ट्र निर्माण में निवेश जारी रखेगा.
राष्ट्र निर्माण में नई गति
- संकट के बावजूद समूह ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जो भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं.
- भारत का पहला कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट विझिंजम में शुरू किया गया.
- खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन रिन्यूएबल प्रोजेक्ट सहित 6 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई.
- दुनिया का सबसे बड़ा कॉपर स्मेल्टर और मेटलर्जिकल कॉम्प्लेक्स चालू किया गया.
- पूरे देश में 7,000 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनें और 4 GW की नई थर्मल क्षमता जोड़ी गई.
बुनियादी ढांचे में निवेश का वादा
अपने पत्र के अंत में, गौतम अडानी ने कवि सोहन लाल द्विवेदी की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा कि लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती. यह दर्शाता है कि समूह अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. अडानी का यह पत्र दर्शाता है कि समूह संकट से उबरकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, और आने वाले समय में भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने भविष्य में और भी मजबूत गवर्नेंस, नवाचार और देश के बुनियादी ढांचे में निवेश करने का वादा किया है.
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