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तारीफ पर तारीफ! क्या होने वाला है विभाजन? पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, शशि थरूर करने लगे अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बिहार में NDA की बड़ी जीत के बाद कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी का एक और विभाजन हो सकता है. इसके बाद शशि थरूर (Shashi Tharoor)ने पीएम मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए भाषण की तारीफ कर दी. इसके बाद भारत की राजनीति में बहुत से कयास लगाए जा रहे है.

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बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचड़ जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI)  ने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यलय में धन्यवाद सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशान साधा था. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तगड़ा अटैक करते हुए कहा कि हो सकता है कांग्रेस का एक और विभाजन हो जाए. हालंकि उसके बाद अब सोमवार (18 नवंबर) को छठे रामनाथ गोयनका व्याख्यान सभा पीएम के दिए गए भाषण पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रशंसा की. जिस तरह से थरूर ने पीएम की तारीफ की, उसके बाद से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या फिर से एक बार कांग्रेस का विभाजन हो सकता है.

थरूर का X पोस्ट

सांसद शशि थरूर ने एक्स पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी ने “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” की बात की और एक औपनिवेशिक काल के बाद की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ ‘उभरता हुआ बाजार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘उभरता हुआ मॉडल’ है। उन्होंने देश की आर्थिक मजबूती पर भी ध्यान दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा “चुनाव मोड” में रहने का आरोप लगता है, लेकिन असल में वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए “भावनात्मक मोड” में रहते हैं।”

थरूर ने प्रधानमंत्री द्वारा मैकाले की 200 साल पुरानी गुलामी मानसिकता की विरासत को पलटने पर जोर देने की सराहना की और आगे कहा, “भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मैकाले की विरासत को पलटने के लिए समर्पित था. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विरासत, भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों में गौरव की बहाली के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की. ​​

आर्थिक दृष्टिकोण की सराहना की

उन्होंने कहा कि “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” की बात की और एक औपनिवेशिक काल के बाद की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ ‘उभरता हुआ बाजार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘उभरता हुआ मॉडल’ है”. थरूर ने पोस्ट के अंत में लिखा, “कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह भाषण एक तरह से आर्थिक दृष्टिकोण और साथ ही सांस्कृतिक बदलाव की अपील भी था, जिसमें उन्होंने देश को प्रगति के लिए उत्सुक रहने का आग्रह किया.

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को छठे रामनाथ गोयनका व्याख्यान में भाषण दिया था. उन्होंने मैकाले के भारतीय शिक्षा प्रणाली पर प्रभाव के बारे में भी विस्तार से बात की, जिसमें अंग्रेजी को शिक्षा के प्राथमिक माध्यम के रूप में बढ़ावा दिया गया था.

-भारत एक्सप्रेस



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