प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ पर गुजरात के जूनागढ़ जिले स्थित ‘गिर वन्यजीव अभयारण्य’ में जंगल सफारी का आनंद लिया और एशियाई शेरों को करीब से देखा. पीएम मोदी डीएसएलआर कैमरे से शेरों की तस्वीरें खींचते नजर आ रहे हैं. एक अन्य तस्वीर में पीएम मोदी हाथ में कैमरा पकड़े शेरों की ओर देख रहे हैं. एक ऐसी भी तस्वीर है जिसमें मादा शेरनी शावक को दुलारती दिख रही है.
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार शाम राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में 47 सदस्य भाग लेंगे, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं. बैठक के बाद पीएम मोदी सासण में महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे.
पीएम ने एक्स पर किया पोस्ट
बता दें कि अभ्यारण्य जाने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था. उन्होंने एक्स पर लिखा, “विश्व वन्यजीव दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की अविश्वसनीय जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं. हर प्रजाति एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है – आइए आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके भविष्य की रक्षा करें! हम वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी गर्व करते हैं.”
Today, on #WorldWildlifeDay, let’s reiterate our commitment to protect and preserve the incredible biodiversity of our planet. Every species plays a vital role—let’s safeguard their future for generations to come!
We also take pride in India’s contributions towards preserving… pic.twitter.com/qtZdJlXskA
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2025
इस पोस्ट में एक वीडियो क्लिप भी है, जिसमें पीएम मोदी भारत की परंपरा में जैव विविधता के प्रति स्वाभाविक आग्रह का जिक्र कर रहे हैं. यह क्लिप 2023 का है. कर्नाटक के मैसूर में ‘प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के स्मरणोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने वाइल्डलाइफ पर विचार रखे थे.
भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के सह-अस्तित्व को महत्व देता है
दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों के मन में अन्य देशों, जहां बाघों की आबादी या तो स्थिर है या फिर उसमें गिरावट हो रही है, की तुलना में भारत में बाघों की बढ़ती आबादी के बारे में उठने वाले सवालों को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह दोनों के सह-अस्तित्व को समान महत्व देता है.”
-भारत एक्सप्रेस
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