PM Modi Assam Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 फरवरी) को असम दौरे पर पहुंचे. इस दौरान गुवाहाटी के एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस देश को तोड़ने की बात करती हैं और नारे लगाती हैं.
Kumar Bhaskar Varma Setu across the Brahmaputra is a vital infrastructure project for Guwahati and areas around it. Connectivity, comfort and commerce will be significantly enhanced. It will enable devotees to go to the Kamakhya Temple with greater ease. pic.twitter.com/bdpjbW0oNk
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2026
कुमार भास्कर सेतु और IIM का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दौरान गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मन सेतु और IIM गुवाहाटी के अस्थायी परिसर का उद्घाटन किया. यह बीते तीन महीनों में उनका तीसरा असम दौरा है. गौरतलब है कि राज्य में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में 2016 से लगातार दो बार एनडीए की सरकार सत्ता में है, जबकि 2001 से 2016 तक यहां कांग्रेस की सरकार रही थी.
कांग्रेस के समय असम को तरसाया गया- पीएम मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके शासनकाल में असम को विकास के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिलते थे. उन्होंने दावा किया कि उस समय राज्य को टैक्स हिस्सेदारी के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि वर्तमान सरकार में यह राशि पांच गुना तक बढ़ाई गई है.
उन्होंने कहा कि कभी नॉर्थ ईस्ट का नाम सुनते ही लोगों के मन में टूटी-फूटी सड़कों और खराब कनेक्टिविटी की छवि उभरती थी, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं. उन्होंने बताया कि मोरन हाईवे पर विमान की लैंडिंग ने नया इतिहास रचा है और यह बदले हुए असम की तस्वीर पेश करता है.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर पांच बड़े पुलों का निर्माण कराया, जबकि कांग्रेस के 70 वर्षों के शासन में केवल तीन पुल बने. उनके अनुसार, पूर्वोत्तर में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं से क्षेत्र को सीधा लाभ मिला है. वंदे भारत ट्रेन और स्लीपर वंदे भारत सेवा की शुरुआत से असम और नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को पक्के घर, शौचालय और पीने के पानी की सुविधा मिली है, जिसका श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता को जाता है.
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मोरन एयरस्ट्रिप बनी रणनीतिक ताकत
मोरन एयरस्ट्रिप राष्ट्रीय राजमार्ग-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर विकसित की गई है. यह देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जिसका उपयोग सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमानों के लिए किया जा सकता है. प्रधानमंत्री का विमान भी इसी एयरस्ट्रिप पर उतरा.
चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह एयरस्ट्रिप रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रधानमंत्री की मौजूदगी में यहां राफेल और सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमानों ने एरियल शो किया. करीब 30 मिनट तक चले इस प्रदर्शन में विमानों ने हाईवे से ही टेकऑफ और लैंडिंग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया.
-भारत एक्सप्रेस
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