PM Modi Visiting Israel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (25 फरवरी) को दो दिन के आधिकारिक दौरे पर इजरायल जा रहे हैं. करीब नौ साल बाद वह इजरायल जा रहे हैं. इससे पहले वह 2017 में वहां गए थे, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इजरायल यात्रा थी. इस बार की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
AI क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे भारत और इजरायल के बीच आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलेगी. उन्होंने खास तौर पर हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया. साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देश इन आधुनिक तकनीकों में मिलकर काम करेंगे, जिससे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके.
पीएम मोदी का इजरायल शेड्यूल
तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह नेतन्याहू के साथ यरुशलम स्थित याद वाशेम, जो विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र है, भी जाएंगे. दोनों नेता एक इनोवेशन इवेंट में भी हिस्सा लेंगे, जहां तकनीक और स्टार्टअप सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है.
चरमपंथ के खिलाफ मजबूत सहयोग- नेतन्याहू
नेतन्याहू ने भारत के साथ मिलकर चरमपंथ के खिलाफ मजबूत सहयोग की बात भी कही. उनका कहना है कि इजरायल क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ऐसे देशों का एक समूह बनाना चाहता है, जो कट्टरपंथ के खिलाफ एकजुट हों. इस संभावित सहयोग में भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब, अफ्रीकी व एशियाई देशों को शामिल करने की योजना है.
नेतन्याहू ने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत की सराहना करते हुए कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला भारत अब दुनिया में एक मजबूत और प्रभावशाली देश बन चुका है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगी और सहयोग के नए अवसर खोलेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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