Bharat Express DD Free Dish

खाड़ी में शांति की पहल! पीएम मोदी ने कुवैत क्राउन प्रिंस को दी ईद की बधाई, ‘होर्मुज’ रूट की सुरक्षा पर भी हुई बात

PM Modi spoke with the Kuwait Crown Prince: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस से बातचीत कर ईद की बधाई दी और मिडिल ईस्ट के हालात, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर चर्चा की.

PM Modi

PM Modi spoke with the Kuwait Crown Prince: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (18 मार्च) को शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की और उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई.

मिडिल ईस्ट संकट पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी शेयर की. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया. साथ ही, कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर किसी भी हमले की निंदा दोहराई गई.

होर्मुज पर क्या बोले पीएम?

बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी अहम रहा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करना भारत की प्राथमिकता है. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई के लिए वहां की सरकार के सहयोग की सराहना भी की.

इस बीच, पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हमले के बाद तनाव बढ़ता जा रहा है. इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.

तेल संकट की स्थिति सुरक्षित

इन हालातों के बीच भारत अपनी रणनीति के तहत नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते भारत अपने जहाजों को सुरक्षित निकाल रहा है. अब तक तीन भारतीय जहाज सुरक्षित देश लौट चुके हैं और अन्य के भी लौटने की संभावना है.


ये भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: लघु जलविद्युत परियोजनाओं के लिए ₹2584 करोड़ मंजूर, पैदा होंगे लाखों रोजगार


भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 से 89 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है. पहले भारत का 55 प्रतिशत तेल इस मार्ग से आता था, जो अब घटकर करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है. देश रोजाना करीब 55 लाख बैरल तेल की खपत करता है और लगभग 40 देशों से आयात करता है. तेल के अलावा भारत की गैस खपत भी काफी अधिक है. हालांकि कुछ आपूर्ति प्रभावित हुई है, फिर भी देश की ऊर्जा जरूरतें फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read