Gyan Bharatam Portal Lanuch: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन (Vigyan Bhawan) में ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ किया, जो देश की पांडुलिपि विरासत को डिजिटल रूप से संरक्षित करने और सार्वजनिक पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखता है. यह पोर्टल एआई-ड्रिवन डिजिटल रिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म है, जो 14 भारतीय भाषाओं में पहुंच प्रदान करता है. इसका उद्देश्य प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि शोधकर्ता, छात्र और आम लोग इस अमूल्य विरासत तक आसानी से पहुंच सकें.
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi launches Gyan Bharatam Portal, a dedicated digital platform aimed at accelerating manuscript digitisation, preservation, and public access
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— ANI (@ANI) September 12, 2025
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लगी प्रदर्शनी
पीएम मोदी ने ज्ञान भारतम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (Gyan Bharatam International Conference) में भी हिस्सा लिया, जहां केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इस प्रदर्शनी में दुर्लभ पांडुलिपियों और शोधपत्रों को प्रदर्शित किया गया, जो भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को दर्शाते हैं. सम्मेलन में संरक्षण, डिजिटलीकरण, मेटाडेटा मानक, कानूनी ढांचा और प्राचीन लिपियों के पठन पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत की ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर लाने में मदद करेगी.
5 स्तंभों पर आधारित ज्ञान का प्लेटफॉर्म
ज्ञान भारतम पोर्टल पांच स्तंभों पर आधारित है: डिजिटलीकरण, संरक्षण, पहुंच, शिक्षा और अनुसंधान. यह पोर्टल प्रॉम्प्ट-ड्रिवन सेमेंटिक सर्च, एडवांस ओसीआर और फजी मैचिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करता है, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से पांडुलिपियों तक पहुंच सकते हैं. साथ ही, मल्टी-लिंग्वल ट्रांसलेशन और ऑन-डिमांड मैनुस्क्रिप्ट व्यू एंड डाउनलोड की सुविधा भी उपलब्ध है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगी.
वैश्विक प्रसार: सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव
इस पहल से भारत की पांडुलिपि विरासत को नई पहचान मिलेगी और इसे वैश्विक मंच पर लाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान भारतम पोर्टल भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग में जीवित रखने का प्रयास है, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगा.
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