Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

‘गांव की मिट्टी से रायसीना हिल तक…!’ पीएम मोदी ने लॉन्च की पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया. किताब में परौंख गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे कोविंद के संघर्ष, राजनीतिक सफर और जीवन मूल्यों की कहानी है.

Ram Nath Kovind Autobiography Launch: देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन, संघर्ष और प्रेरणादायक सफर की महागाथा अब दुनिया के सामने आ गई है. आज राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ऑटोबायोग्राफी (आत्मकथा) ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ (Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles) का भव्य विमोचन किया.

इस खास मौके पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत देश की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी और पूर्व राष्ट्रपति के बीच की केमिस्ट्री और कोविंद जी के संघर्षों की कहानियां छाई रहीं.

ओम बिरला ने रामनाथ कोविंद के संघर्ष को सराहा(Ram Nath Kovind Autobiography Launch)

समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रामनाथ कोविंद के शुरुआती दिनों की कठिनाइयों को याद किया. उन्होंने कहा कि “एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे कोविंद जी को बचपन में पढ़ाई और स्कूल जाने के लिए कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. लेकिन उन मुश्किलों के बावजूद उनका संकल्प कभी नहीं डगमगाया. यह किताब देश के हर युवा के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत है.

पूर्व राष्ट्रपति ने की पीएम की दिल खोलकर तारीफ

आत्मकथा विमोचन के मंच से पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करते समय वे मोदी जी से मिले थे. कोविंद जी ने कहा कि “उस दौर में भी मोदी जी की दूरदर्शिता, विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ सहजता से कनेक्ट होने की क्षमता ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया था.

ये भी पढ़ें: सीएम शुभेंदु अधिकारी के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बची जान; देखें वीडियो

क्या है बुक में खास?

यह किताब उन मूल्यों और पलों को समेटे हुए है जिन्होंने एक साधारण ग्रामीण बालक को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाया:

जन्म: 1 अक्टूबर 1945 को यूपी के कानपुर देहात जिले के परौंख गांव में.

राजनीतिक सफर: 1991 में भाजपा में शामिल हुए, 1998 से 2002 तक दलित मोर्चा के प्रमुख रहे.

संवैधानिक पद: दो बार राज्यसभा सांसद, 2015-2017 तक बिहार के राज्यपाल और फिर 2017 से 2022 तक भारत के 14वें राष्ट्रपति बने.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital