Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि तालाब, नदी और कुएं से जुड़ी बचपन की यादें हर किसी के जीवन में खास जगह रखती हैं. इन्हीं यादों को बचाने की प्रेरक कहानी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आई है.
आकाश गुप्ता का संकल्प
पीएम मोदी ने बताया कि बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गांव की मनोरमा नदी की हालत देखकर दुखी थे. बचपन में साफ और जीवंत दिखने वाली नदी समय के साथ प्लास्टिक और गंदगी से भर गई थी. आकाश ने शिकायत करने के बजाय बदलाव की शुरुआत करने का फैसला किया. उन्होंने दोस्तों को साथ लिया और साधारण जाल, फावड़ा और टोकरी के सहारे नदी की सफाई शुरू की. कई बार एक दिन में 50-60 किलो कचरा निकाला गया. धीरे-धीरे नदी का रूप बदलने लगा और आसपास के लोग भी इस मुहिम से जुड़ गए.
गोवा के शिक्षक की पहल
प्रधानमंत्री ने गोवा के रिटायर्ड अध्यापक बालकृष्ण अइया का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि मड्डी-तोलाप इलाके में पानी की समस्या से परेशान होकर बालकृष्ण जी ने समाधान की दिशा में कदम उठाए. उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के काम में अहम भूमिका निभाई, जिससे कई घरों तक पानी पहुंचा. जिन परिवारों को रोज पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था, उन्हें बड़ी राहत मिली.
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समाज के लिए प्रेरणा
पीएम मोदी ने कहा कि आकाश गुप्ता और बालकृष्ण अइया जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं. उन्होंने दिखाया कि अगर संकल्प मजबूत हो तो साधारण साधनों से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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