प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में देश की बदलती सांस्कृतिक तस्वीर को रेखांकित किया. उन्होंने विशेष रूप से ‘जेन जी’ (Gen Z) के बीच बढ़ते ‘भजन क्लबिंग’ के चलन की सराहना की. पीएम मोदी ने बताया कि कैसे आधुनिक युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ते हुए भक्ति संगीत को नए और उत्साहपूर्ण अंदाज में पेश कर रही है, जिससे परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है.
‘भजन क्लबिंग’ का नया चलन
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने भक्ति को एक नई शैली दी है और इसके चलते एक नया चलन सामने आया है जिसे ‘भजन क्लबिंग’ कहा जा रहा है. यह जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. उन्होंने कहा कि आप सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो जरूर देखते होंगे. बड़े शहरों में युवा इकट्ठा होते हैं, मंच सजता है, रोशनी होती है, संगीत बजता है और माहौल किसी बड़े कॉन्सर्ट से कम नहीं लगता. लेकिन यहां जो गाया जाता है, वो भजन होता है और वो भी पूरे मन से, पूरी लगन से और पूरी तन्मयता के साथ.
गरिमा और शुद्धता का रखा जाता ध्यान
पीएम मोदी ने कहा कि इस नए चलन में भजन की गरिमा और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है. भक्ति को हल्के में नहीं लिया जाता, शब्दों और भाव दोनों की मर्यादा बनी रहती है. मंच चाहे आधुनिक हो, संगीत की प्रस्तुति अलग हो, लेकिन भावना वही रहती है. वहां एक तरह का आध्यात्मिक प्रवाह महसूस होता है, जो हर किसी को भीतर तक छू जाता है.
संस्कृति और भक्ति का नया रूप
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि भजन क्लबिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि संस्कृति और भक्ति का एक नया रूप पेश कर रहा है. युवाओं की इस कोशिश से साफ लगता है कि हमारी परंपराएं अब भी जीवित हैं और उन्हें नई पीढ़ी अपनी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ा रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भजन क्लबिंग जेन जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह न केवल संगीत और भक्ति का संगम है, बल्कि युवा संस्कृति का भी हिस्सा बनता जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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