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प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से की मुलाकात, संबंधों को मजबूत करने पर किया ध्यान केंद्रित

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. यह यात्रा भारत-UAE के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख़ ख़ालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाहयान ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. वह अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंचे. UAE के सात अमीरातों में से एक अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के रूप में अल नाहयान की यह पहली भारत यात्रा है. इस यात्रा का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर रविवार को पहुंचे अल नाहयान का आज हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री ने स्वागत किया, जहां दोनों नेताओं ने चर्चा की.

परमाणु ऊर्जा, तेल और फूड पार्क विकास में हुएं समझौते

दोनों नेताओं ने आज परमाणु ऊर्जा, तेल और फूड पार्क विकास के क्षेत्र में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. दोनों नेताओं ने अमीरात परमाणु ऊर्जा कंपनी (ENEC) और भारतीय परमाणु ऊर्जा सहयोग लिमिटेड (NPCIL) के बीच बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच दीर्घकालिक LNG आपूर्ति के लिए एक और समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. ADNOC और इंडिया स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए. अंत में, भारत में फूड पार्क विकास पर गुजरात सरकार और अबू धाबी डेवलपमेंटल होल्डिंग कंपनी PJSC (ADQ) के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए.

बैठक के बाद, क्राउन प्रिंस ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, “UAE के साथ अपनी दोस्ती को मजबूत करने के लिए उनकी शिक्षाएं हमें प्रेरित करती रहती हैं.”

यह पहली बार है जब भारत ने UAE के राजघरानों और सरकार की अगली पीढ़ी के साथ आधिकारिक तौर पर बातचीत की है, जो UAE के साथ भारत द्वारा दिए जाने वाले संबंधों के महत्व को दर्शाता है.

अल नाहयान का कल का कार्यक्रम 

अल नाहयान के साथ UAE सरकार के कई मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी हैं. दिल्ली में अपनी बैठकों के बाद, अल नाहयान के एक बिज़नेस फोरम में भाग लेने के लिए मुंबई जाने की उम्मीद है. दोनों देशों के शीर्ष बिज़नेस लीडर्स मंगलवार को होने वाले इस मंच में भाग लेंगे.

अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की UAE की ऐतिहासिक यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ गए हैं. भारत UAE का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि UAE अरब जगत में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दशक के अंत तक भारत और UAE के बीच कुल व्यापार 100 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 85 बिलियन अमरीकी डॉलर था. 2022-23 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश या एफडीआई के मामले में UAE भारत में शीर्ष चार निवेशकों में से एक है.

-भारत एक्सप्रेस



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