भारत के ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘एक्ट ईस्ट’ मिशन के तहत आज (1 जून 2026) नई दिल्ली में एक बेहद कूटनीतिक और हाई-वोल्टेज मीटिंग होने जा रही है. म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग अपने 5 दिवसीय भारत दौरे के सबसे अहम पड़ाव पर हैं. आज सुबह 11:30 बजे उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय वार्ता होगी. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में दोनों देशों की सीमाओं पर चल रहे ‘खेल’ को हमेशा के लिए खत्म करने की रणनीति तैयार की जाएगी.
अब पीएम मोदी करेंगे ‘बैटिंग’
म्यांमार के राष्ट्रपति का यह दौरा बेहद खास है. बोधगया के महाबोधि मंदिर से अपना दौरा शुरू करने वाले ह्लाइंग ने नई दिल्ली पहुंचते ही एक्शन शुरू कर दिया था. रविवार को उन्होंने भारत के ‘जेम्स बॉन्ड’ यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो इन मुलाकातों में सीमा सुरक्षा और खुफिया इनपुट्स को लेकर लंबी चर्चा हुई है. आज पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक में इन्हीं मुद्दों पर फाइनल मुहर लगेगी.
इन 4 बड़े मुद्दों पर होगा मंथन
- बॉर्डर सिक्योरिटी और FMR: सबसे बड़ा फोकस सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर है. सीमा के आर-पार की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए ‘फ्री मूवमेंट रिजीम’ (Free Movement Regime) के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार होना लगभग तय है.
- उग्रवाद पर प्रहार: दोनों देशों की साझा सीमा पर पनप रहे उग्रवाद को जड़ से कुचलने के लिए एक ‘जॉइंट रणनीतिक बातचीत’ होगी.
- तस्करी पर लगाम: सीमा पार से होने वाली अवैध ड्रग्स तस्करी और संगठित अपराधों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.
- व्यापार और कनेक्टिविटी: सुरक्षा के अलावा, आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया जाएगा.
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संबंधों में आएगा नया आयाम
भारत के लिए म्यांमार सामरिक और कूटनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण पड़ोसी है. राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की यह भारत यात्रा दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों में एक नया और मजबूत अध्याय जोड़ने वाली है. दिल्ली में इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद राष्ट्रपति मुंबई का भी दौरा करेंगे. आज सुबह 11:30 बजे शुरू होने वाली इस वार्ता से निकलने वाले फैसले न सिर्फ म्यांमार बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा तय करेंगे.
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