होर्मुज संकट पर पीएम मोदी का संबोधन
PM Modi addresses Parliament on Iran crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट पर देश को भरोसा दिलाया कि सरकार ‘संवेदनशील भी है और सतर्क भी’. संसद के पटल से पीएम ने बताया कि युद्ध के भीषण दौर में अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत है कि युद्धरत सभी देशों से हमारे संबंध मधुर हैं और मैंने खुद वहां के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन लिया है. पीएम ने स्पष्ट किया कि ‘होर्मुज ट्रेड रूट’ पर जहाजों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारत का फोकस सामान्य परिवार की जेब पर बोझ कम करने पर है.
एथेनॉल और सोलर कैसे बना कवच?
पीएम मोदी ने अपनी सरकार की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अगर भारत इस वैश्विक ऊर्जा संकट में मजबूती से खड़ा है, तो उसकी वजह एथेनॉल ब्लेंडिंग और सोलर एनर्जी जैसे वैकल्पिक स्रोत हैं. उन्होंने कहा कि पहले हम सिर्फ 27 देशों से ऊर्जा उत्पाद मंगाते थे, लेकिन आज हम 41 देशों से आयात कर रहे हैं. इस ‘डायवर्सिफिकेशन’ की वजह से ही कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर युद्ध का असर कम से कम पड़ा है.
छात्रों और परिवारों के लिए बड़ा फैसला
युद्ध क्षेत्र में फंसे छात्रों की चिंता करते हुए पीएम ने जानकारी दी कि अकेले ईरान से 1000 भारतीय लौट चुके हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र हैं. खाड़ी देशों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य को देखते हुए CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो. पीएम ने उन परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की जिन्होंने इस संघर्ष में अपनों को खोया है और घायलों के बेहतर इलाज का वादा किया.
जमाखोरी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की चेतावनी
रविवार को 3.30 घंटे चली CCS बैठक का हवाला देते हुए पीएम ने कड़ा संदेश दिया कि युद्ध की आड़ में देश के भीतर जमाखोरी और कालाबाजारी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने राज्यों के साथ तालमेल बिठाकर जरूरी चीजों (खाद, तेल, गैस) की सप्लाई सामान्य रखने के निर्देश दिए हैं. पीएम ने कहा कि भारत अपनी जरूरत की 60% एलपीजी आयात करता है, फिर भी हमारी कोशिश है कि होर्मुज संकट का असर रसोई तक न पहुँचे.
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-भारत एक्सप्रेस
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