PM Modi
PM Modi Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान राज्य को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि राजस्थान अब केवल वीरता और संस्कृति की पहचान नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की विकास यात्रा का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है. उन्होंने नई रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की, जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया, जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला रखी और शेखावाटी क्षेत्र की जल समस्या के समाधान से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान के हजारों स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम से जुड़े, जो राज्य और केंद्र की विकास नीतियों में जनता के विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लाखों लोगों का समर्थन इस बात का प्रमाण है कि जनता विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने राजस्थान रिफाइनरी को देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के रोजगार, स्थानीय उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला केंद्र बनेगी. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार केवल परियोजनाओं का शिलान्यास नहीं करती, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी करती है.
Balotra, Rajasthan: Prime Minister Narendra Modi says, “…My dear brothers and sisters, I have been told that today, across Rajasthan, people have gathered in lakhs at around 10,000 to 12,000 locations to participate in this programme…” pic.twitter.com/ac33SpdvtU
— IANS (@ians_india) July 4, 2026
उन्होंने हाल में आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परियोजना को पूरा करना नए भारत की कार्य संस्कृति और संकल्प शक्ति का उदाहरण है.
राजस्थान को मिली कई नई विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल के शुरू होने से मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई ऊर्जा मिलेगी. इसके साथ ही उड़ान योजना के नए चरण की शुरुआत से छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों की हवाई संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी.
जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके पूरा होने पर राजधानी का मेट्रो नेटवर्क 50 किलोमीटर से अधिक लंबा हो जाएगा, जिससे शहर के पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण हिस्से आपस में बेहतर तरीके से जुड़ेंगे. इससे आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी.
उन्होंने बताया कि शेखावाटी क्षेत्र के लंबे समय से चले आ रहे जल संकट के समाधान की दिशा में भी अब निर्णायक कदम उठाया गया है.
युवाओं को रोजगार की सौगात
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के लगभग 54 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र मिलने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि ये युवा आने वाले वर्षों में राज्य के विकास की नई शक्ति बनेंगे और प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे.
ऊर्जा संकट के दौरान भारत की रणनीति का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों को ईंधन संकट, महंगाई और आपूर्ति की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने समय रहते प्रभावी रणनीति बनाकर स्थिति को नियंत्रित किया.
उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत आयात पर निर्भर थी और उसका अधिकांश हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता था. युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हुई, लेकिन सरकार ने तत्काल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया. कुछ ही दिनों में घरेलू उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई और जिन रिफाइनरियों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, उन्हें भी इसके लिए तैयार किया गया.
इसके साथ ही सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन तेजी से बढ़ाने का अभियान चलाया, जिससे घरेलू एलपीजी पर दबाव कम हुआ.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि समय पर निर्णय नहीं लिए जाते तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत दो हजार रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रियायती दर पर गैस उपलब्ध कराई गई और व्यावसायिक गैस की कीमतों में भी कमी की गई.
पेट्रोल-डीजल संकट से भी देश को बचाया
उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई और दुनिया के कई देशों में ईंधन की उपलब्धता सीमित हो गई, लेकिन भारत में ऐसी स्थिति नहीं बनने दी गई.
प्रधानमंत्री के अनुसार सरकार ने सार्वजनिक तेल कंपनियों को हुए भारी आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी उठाई और आम जनता को राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में भी कटौती की. इसके साथ ही भारत ने अपनी विदेश नीति का प्रभावी उपयोग करते हुए पहले जहां लगभग 25–26 देशों से ऊर्जा आयात होती थी, वहीं संकट के दौरान 40 से अधिक देशों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की.
कृषि और उद्योगों को भी मिली राहत
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट का असर उर्वरकों की उपलब्धता पर भी पड़ा, लेकिन सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए यूरिया पर भारी सब्सिडी जारी रखी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कई गुना बढ़ने के बावजूद किसानों को कम कीमत पर खाद उपलब्ध कराई गई.
उन्होंने बताया कि सरकार ने वैकल्पिक देशों से उर्वरकों की खरीद बढ़ाई, घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन दिया और प्राकृतिक खेती जैसे विकल्पों पर भी जोर दिया.
इसी प्रकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के नए चरण की शुरुआत की गई, जिसके तहत अतिरिक्त ऋण पर सरकार ने पूर्ण गारंटी उपलब्ध कराई.
रिफाइनरी परियोजना पर कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी के लिए वर्ष 2017 में समझौता हुआ था, लेकिन उसके बाद राज्य में कांग्रेस सरकार बनने से परियोजना की गति धीमी पड़ गई. उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक सहयोग नहीं मिलने के कारण काम लगभग ठहर गया था. बाद में राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को तेजी से पूरा किया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश बन चुका है और आने वाले वर्षों में इस क्षमता का और विस्तार होगा.
पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत खेजड़ी का पौधा भी लगाया. उन्होंने कहा कि राजस्थान में खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मरुस्थलीकरण रोकने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
उन्होंने बताया कि राजस्थान आज देश में सौर ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बन रहा है. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत बड़ी संख्या में घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जबकि पीएम कुसुम योजना के माध्यम से हजारों किसानों को सौर पंप उपलब्ध कराए गए हैं.
शेखावाटी की जल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकारों ने राज्यों के बीच सहयोग की नई मिसाल पेश की है. उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए राजस्थान के साथ नर्मदा का पानी साझा करने का निर्णय बिना किसी विवाद के लिया गया था.
अब राजस्थान और हरियाणा की भाजपा सरकारों के बीच हुए समझौते के तहत हथिनीकुंड बैराज से पानी शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की जाएगी. इस परियोजना के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे सीकर, चूरू, झुंझुनूं सहित पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा. इसके अतिरिक्त भविष्य में रेणुका, लखवाड़ और किशाऊ बांध परियोजनाओं के पूरा होने पर राजस्थान को और अधिक जल उपलब्ध होने की संभावना है.
विकसित राजस्थान, विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान देश के विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है. आधुनिक आधारभूत संरचना, ऊर्जा, जल प्रबंधन, परिवहन और रोजगार के क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी.
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अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने जनता से विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि साफ नीयत, मजबूत संकल्प और जनभागीदारी के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता. उन्होंने सभी विकास परियोजनाओं के लिए राजस्थान की जनता को बधाई दी और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया.
-भारत एक्सप्रेस
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