Sardar Patel 150th Birth Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से सरदार वल्लभभाई पटेल को देश की एकता और अखंडता का सबसे बड़ा प्रतीक मानते हैं. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सरदार पटेल की 150वीं जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है. इस अवसर पर देशभर में “रन फॉर यूनिटी” यानी एकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हर नागरिक से जुड़ने की अपील की गई है ताकि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना और मजबूत हो.
सरकार की ओर से भारत के आधिकारिक एक्स (पूर्व में Twitter) अकाउंट पर भी इस दिवस को लेकर एक विशेष संदेश साझा किया गया है.
उसमें कहा गया है कि “हमारी विविधता ही भारत की आत्मा है, और सरदार पटेल ने इसी विविधता को एकता में बदला.” प्रधानमंत्री मोदी भी इसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं और देश को सरदार पटेल के सपनों के अनुरूप सशक्त और एकजुट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
Our diversity is India’s soul and Sardar Patel wove it into unity. PM Modi carries this vision forward.
Celebrate his 150th birth anniversary, join the Run for Unity and strengthen the spirit of Ek Bharat Shreshtha Bharat! 🇮🇳#EktaDiwasBharat #EktaDiwas #SardarPatel150… pic.twitter.com/jPeJ6u33eF— Ekta Diwas Bharat (@EktaDiwasBharat) October 25, 2025
स्वतंत्र भारत की नींव को किया एकजुट
सरदार पटेल भारतीय इतिहास के उन नेताओं में से थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत की नींव को एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा किया. आजादी के बाद जब देश सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था, तब उन्होंने अपनी सूझबूझ, कूटनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति से 562 रियासतों को एक सूत्र में बांध दिया. इसी कारण उन्हें “भारत के लौह पुरुष” और “राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार” के नाम से जाना जाता है.
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31 अक्टूबर को मनाई जाती है सरदार पटेल जयंती
हर साल 31 अक्टूबर को पूरे देश में सरदार पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है. इस बार भी देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के ज़रिए लोगों को उनके योगदान से परिचित कराया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि सरदार पटेल की सोच और देशप्रेम आज भी भारत को एक दिशा और दृढ़ता प्रदान करते हैं. यही कारण है कि उनकी जयंती सिर्फ एक स्मृति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन चुकी है.
-भारत एक्सप्रेस
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