पीएम मोदी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायी संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज देशवासी इसी भावना से भारत को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं.
संस्कृत श्लोक के जरिए संदेश
इस पोस्ट में उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया कि यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात्. अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते.
इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति किसी लक्ष्य की इच्छा करता है और उसे पाने के लिए लगातार प्रयास करता है, वह निश्चित रूप से उस लक्ष्य को प्राप्त करता है, बशर्ते वह बीच में हार न माने.
निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज देशवासी इसी भावना से भारतवर्ष को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात् ।
अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते ।। pic.twitter.com/lFBqTuZ46N
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
मंगलवार का संदेश
इससे पहले मंगलवार को भी पीएम मोदी ने ‘सुभाषितम’ संदेश साझा किया था. उस दिन उन्होंने कहा था कि सच्चा ज्ञान देश, समाज और पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग खोलता है. उन्होंने लिखा कि हमारा ज्ञान और कर्म पूरी मानवता के लिए प्रेरणा बनें.
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आत्मा पर श्लोक
मंगलवार को साझा किए गए श्लोक में आत्मा की शुद्धता का उल्लेख था कि आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः. अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्..
इसका भाव है कि आत्मा स्वभाव से शुद्ध और प्रकाशमान है, लेकिन अज्ञान के कारण वह मलिन प्रतीत होती है. ज्ञान से वही आत्मा फिर से अपने शुद्ध स्वरूप में प्रकट हो जाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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