प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय राजनीति और सिनेमा के दिग्गज व्यक्तित्व एम.जी. रामचंद्रन (MGR) की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. ‘पुरात्ची थलैवर’ (क्रांतिकारी नेता) के नाम से मशहूर एमजीआर न केवल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे, बल्कि वे करोड़ों लोगों के लिए एक मसीहा थे.
तमिलनाडु की प्रगति में उनका योगदान असाधारण
पीएम मोदी ने एमजीआर के जीवन पर आधारित वीडियो पोस्ट कर तमिलनाडु की प्रगति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया. एक्स पर पोस्ट किए वीडियो में एमजीआर के राजनीतिक और फिल्मी करियर की झलक दिखाई गई.
Paying homage to the exceptional MGR on his Jayanti. His contribution to Tamil Nadu’s progress is outstanding. Equally noteworthy is his role in popularising Tamil culture. We will always keep working to realise his vision for our society. pic.twitter.com/M1Ly6uA8U1
— Narendra Modi (@narendramodi) January 17, 2026
पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, “एमजीआर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. तमिलनाडु की प्रगति में उनका योगदान असाधारण है. तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका भी उतनी ही सराहनीय है. हम समाज के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे.” उन्होंने दूसरा पोस्ट तमिल भाषा में भी किया है.
दक्षिण भारत के बड़े अभिनेता
प्रसिद्ध अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन की गिनती दक्षिण भारत के बड़े अभिनेताओं में होती थी. उनका फिल्मी करियर जितना शानदार था, उससे कहीं ज्यादा चर्चा में उनका राजनीतिक करियर रहा. वे कम से कम करीब 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे और गरीब वर्ग के उत्थान के लिए और समाज के विकास के लिए कार्य किए. तमिलनाडु में जनता उन्हें ‘पुरात्ची थलैवर’ कहकर बुलाती थी, जिसका अर्थ था ‘गरीबों का मसीहा’.
बेहद सफल करियर के बाद अभिनेता रामचंद्रन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्य बने, लेकिन एम. करुणानिधि के साथ मतभेदों के बाद उन्होंने अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) की स्थापना की. पार्टी की स्थापना के बाद से ही उन्होंने जन केंद्रित राजनीति और कार्य करना शुरू किया और आलम ये रहा कि उनके निधन के समय कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी.
निधन पर फैंस ने सड़कों पर उपद्रव मचाना
साल 1987 में निधन के समय लोगों ने आहत होकर अपनी जीभ, उंगली और नसें काट ली थीं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उस वक्त तकरीबन 30 लोगों की जान चली गई. आत्महत्याओं के अलावा, एमजीआर की मौत के बाद उनके फैंस ने सड़कों पर उपद्रव मचाना शुरू किया और पुलिस फायरिंग में 29 लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 41 लोग घायल हुए थे.
अभिनेता अपनी मौत के समय भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थे. वे हमेशा जयललिता के साथ अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में थे. दोनों ने साथ में कई सारी फिल्में भी की थीं हालांकि दोनों ने कभी आधिकारिक रूप से अपने रिश्ते पर बात नहीं की.
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-भारत एक्सप्रेस
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